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कोरोना वायरस से सुरक्षा देने वाली वैक्सीन को लेकर क्यों लोगों के मन में बढ़ रहा संशय?

कोरोना वैक्सीन पूरी दुनिया के लिए अदृश्य दुश्मन से लड़ने के कवच के रूप में सामने आई है, पर अब फाइजर-बायोएनटेक के कोरोना टीके को लेकर सवाल  उठने लगे हैं। दूसरी ओर चीन प्रयोगिक टीके को...

Corona Vaccine India
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विशेष संवाददाता,नई दिल्लीSun, 10 Jan 2021 11:30 AM
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कोरोना वैक्सीन पूरी दुनिया के लिए अदृश्य दुश्मन से लड़ने के कवच के रूप में सामने आई है, पर अब फाइजर-बायोएनटेक के कोरोना टीके को लेकर सवाल 
उठने लगे हैं। दूसरी ओर चीन प्रयोगिक टीके को बिना अंतिम अनुमति दिए ही बहुत बड़ी आबादी को टीका लगा चुका है। विशेषज्ञ कहते हैं कि सरकारों की ऐसी कार्रवाइयों से टीके को लेकर लोगों के मन में संशय पैदा हो रहा है।

फाइजर का कोरोना टीका लगवाने वाले डॉक्टर की मौत
कनाडा में फाइजर-बायोएनटेक की कोरोना वैक्सीन लगवाने वाले एक डॉक्टर की तीन दिन बाद ही मौत होने से हड़कंप मच गया। कनाडा के सार्वजनिक स्वास्थ विभाग ने शुक्रवार को इस मामले में जांच बैठायी है। डॉक्टर की मौत में टीके की भूमिका होने का पता लगाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि फ्लोरिडा के मियामी बीच में द माउंट सिनाई मेडिकल सेंटर के प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. ग्रेगरी माइकल का 18 दिसंबर वैक्सीन का टीका लगवाने के बाद निधन हो गया। डॉ. माइकल की पत्नी हेइडी नेकेलमैन ने बीते मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी, तब मामला खुला।

अमेरिका भी सतर्क: रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने कहा कि डॉ. माइक की मौत के मामले में वे नजर बनाए हुए हैं। यहां फाइजर के टीके से टीकाकरण हो रहा है।

फाइजर की सफाई: अमेरिका व सहयोगी जर्मन कंपनी फाइजर-बायोएनटेक ने मौत के मामले पर शनिवार को कहा कि मामले में जांच हो रही है। हालांकि हमारा मानना है कि फ्लोरिडा के डॉक्टर की मृत्यु में वैक्सीन की कोई भूमिका नहीं है।

- 20 से अधिक देश फाइजर की वैक्सीन से टीकाकरण करा रहे हैं।

- 5 से अधिक देशों में इस टीके के नकारात्मक असर के मामले आए।

लापरवाही: सुरक्षा की गारंटी बिना 90 लाख डोज लगा चुका चीन
चीन की सरकार ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर इसकी घोषणा की है। उसने कहा कि वह अब तक कोरोना वायरस के टीके की 90 लाख खुराकों को लगा चुका है। गौरतलब है कि चीन ने एक सप्ताह पहले ही अपने यहां निर्मित सिनोफार्म कोरोना वैक्सीन को मंजूरी दी है। ऐसे में सवाल उठता है कि किसी भी वैक्सीन कंडिडेट को बिना आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दिए ही टीकाकरण कैसे करा दिया गया। चीन में बहुत बड़ी संख्या में प्रयोगिक टीके से ही टीकाकरण कराया जा रहा है, जिसपर सवाल उठते रहे हैं। चीन ने यह भी कहा कि वह अपने नागरिकों को मुफ्त टीका देगा।

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