CoronaVirus India examining all options to provide relief to Indians stuck in Wuhan - CoronaVirus: भारत ने कहा, चीन के वुहान में फंसे भारतीय छात्रों के लिए हर कोशिश हो रही है DA Image
19 फरवरी, 2020|4:36|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

CoronaVirus: भारत ने कहा, चीन के वुहान में फंसे भारतीय छात्रों के लिए हर कोशिश हो रही है

china warns coronavirus may spread as death toll jumps to 9 number of cases top 400

भारत ने रविवार (26 जनवरी) को कहा कि वह वुहान समेत चीन के अलग-अलग हिस्सों में फंसे 250 भारतीय छात्रों की चिंताओं के समाधान के लिए चीनी सरकार से मंत्रणा के साथ ''सभी विकल्पों" पर विचार कर रहा है। वुहान चीन में कोरोनावायरस के प्रसार का केंद्र है। चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि चीन में इस नए कोरोनावायरस से रविवार को मरने वालों की संख्या बढ़कर 56 हो गई है और 2,008 लोग इस विषाणु से संक्रमित हैं जिनमें 23 विदेशी नागरिक हैं। बीजिंग में भारतीय दूतावास ने कहा कि बड़ी संख्या में भारतीयों अधिकतर छात्रों के लगातार फोन आने के कारण भारत ने रविवार (26 जनवरी को तीसरी हॉटलाइन सेवा खोल दी।

दूतावास ने ट्वीट किया, ''कोरोनावायरस के संक्रमण के संबंध में बीजिंग में भारतीय दूतावास द्वारा स्थापित दो हॉटलाइन नंबरों पर काफी संख्या में फोन आ रहे हैं, इसे देखते हुए दूतावास ने फैसला किया है कि वह तीसरी हॉटलाइन सेवा शुरू करेगा जो +8618610952903 पर उपलब्ध होगा।" दूतावास ने कहा कि अन्य दो हॉटलाइन नंबर 8618612083629 +8618612083617 हैं। दूतावास ने यह भी कहा कि वह ''सभी विकल्पों" पर विचार कर रहा है और वुहान में फंसे भारतीयों को राहत मुहैया कराने के लिए चीनी अधिकारियों के साथ परामर्श कर रहा है।

दूतावास ने एक अन्य ट्वीट किया, ''बीते दो दिनों में हमारे हॉटलाइन नंबरों पर करीब 600 फोन आए हैं जिनमें इस मुश्किल स्थिति से संबंधित चिंताओं का जवाब दिया गया। भारत सरकार और बीजिंग में भारतीय दूतावास प्रभावित नागरिकों को राहत उपलब्ध कराने के लिए चीनी अधिकारियों के साथ मंत्रणा करने के साथ सभी विकल्पों पर विचार कर रहा है।"

यहां ''सभी विकल्पों" से तात्पर्य फंसे हुए भारतीयों को वहां से निकालने से समझा जा रहा है। समझा जाता है कि शहर और उसके आसपास के कई विश्वविद्यालयों में करीब 700 भारतीय छात्र पढ़ते हैं। विषाणु को फैलने से रोकने के लिए चीनी अधिकारियों ने वुहान समेत 12 अन्य शहरों को पूरी तरह से बंद कर दिया है। भारतीय छात्रों में अधिकतर मेडिकल के छात्र हैं जिनमें से अधिकतर छात्र चीनी नववर्ष की छुट्टियों के कारण कुछ सप्ताह पहले ही वहां से चले गए थे। प्राप्त सूचना के अनुसार 250 से 300 छात्र अब भी शहर में ही हैं जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर उनके माता-पिता में चिंता बढ़ गई है जो उन्हें वापस घर बुलाना चाहते हैं।

पीएचडी के कई भारतीय छात्र भी वुहान और आसपास के इलाकों के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ते हैं। कुछ छात्र 23 जनवरी को शहर बंद होने से पहले किसी तरह वहां से निकलने में सफल रहे। विषाणु को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण पहली बार भारतीय दूतावास ने यहां रविवार (26 जनवरी) को गणतंत्र दिवस समारोह रद्द किया। इस विषाणु का तिब्बत को छोड़कर चीन के लगभग हर हिस्से में प्रभाव है।

बताया जाता है कि चीन ने अमेरिका को अपने राजनयिकों एवं नागरिकों को वुहान से बाहर निकालने की अनुमति दी है। सरकारी 'चाइना डेली' की खबर के अनुसार वुहान में अमेरिका का वाणिज्य दूतावास है और माना जाता है कि करीब 1,000 अमेरिकी नागरिक वुहान में हैं। अमेरिका अपने नागरिकों को वुहान से वापस बुलाना चाहता है। 'ग्लोबल टाइम्स' की खबर के अनुसार फ्रांस और दक्षिण कोरिया भी वुहान में फंसे अपने-अपने नागरिकों को विमान से स्वदेश बुलाना चाहते हैं।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:CoronaVirus India examining all options to provide relief to Indians stuck in Wuhan