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हिंदी न्यूज़ विदेशमानव निर्मित था कोरोना वायरस, वुहान लैब में काम कर चुके अमेरिकी वैज्ञानिक का दावा

मानव निर्मित था कोरोना वायरस, वुहान लैब में काम कर चुके अमेरिकी वैज्ञानिक का दावा

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 2 साल पहले वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (डब्ल्यूआईवी) से ये कोरोना वायरस लीक हुआ था। मालूम हो कि यह लैब चीनी सरकार की ओर से ऑपरेटेड और वित्त पोषित है।

मानव निर्मित था कोरोना वायरस, वुहान लैब में काम कर चुके अमेरिकी वैज्ञानिक का दावा
Niteesh Kumarएजेंसी,वाशिंगटनTue, 06 Dec 2022 12:48 AM

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चीन के वुहान में एक विवादास्पद अनुसंधान प्रयोगशाला में काम करने वाले अमेरिकी वैज्ञानिक ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया है कि कोरोना वायरस मानव निर्मित था, जो लैब में सुरक्षा मानकों में कमी के कारण लीक हो गया था। अमेरिका की मीडिया में जारी एक रिपोर्ट में वैज्ञानिक एंड्रयू हफ के हवाले से यह बात कही गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2 साल पहले वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (डब्ल्यूआईवी) से ये वायरस लीक हुआ था। यह लैब चीन सरकार की ओर से ऑपरेटेड और वित्त पोषित है। हफ की किताब के कुछ अंश ब्रिटेन के टैबलॉयड द सन में प्रकाशित हुए हैं। हफ इकोहेल्थ एलायंस के पूर्व उपाध्यक्ष हैं, जो न्यूयॉर्क में स्थित एक गैर-लाभकारी संगठन है। यह संक्रामक रोगों का अध्ययन करता है।

'अपर्याप्त सुरक्षा के साथ किए गए प्रयोग'
हफ ने अपनी किताब में दावा किया है कि चीन के गेन-ऑफ-फंक्शन प्रयोग अपर्याप्त सुरक्षा के साथ किए गए, जिसके परिणामस्वरूप वुहान लैब में रिसाव हुआ। हफ ने अपनी नई किताब 'द ट्रुथ अबाउट वुहान' में यह दावा किया है। उनका कहना है कि यह महामारी अमेरिकी सरकार के चीन में कोरोना वायरस रिसर्च की फंडिंग के कारण हुई थी। 

'लैब में चमगादड़ों को किया गया तैयार'
हफ ने 2014 से 2016 तक इकोहेल्थ एलायंस में काम किया है। उन्होंने कहा कि गैर-लाभकारी संगठन ने कई वर्षों तक वुहान लैब को अन्य प्रजातियों पर हमला करने के लिए चमगादड़ों को तैयार किया। इन्हें कोविड संक्रमण फैलाने में सक्षम बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी सरकार चीनी लैब को खतरनाक जैव प्रौद्योगिकी मुहैया कराने की दोषी है।