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भारत के बलिस्टिक मिसाइल टेस्ट से पहले चीन में खलबली, समंदर में उतारा जासूसी जहाज

भारत अगले सप्ताह ओडिशा के अब्दुल कलाम द्वीप से बलिस्टिक मिसाइल टेस्ट करने वाला है। इस टेस्ट से पहले ही चीन में खलबली मच गई है और उसने अपना जासूसी ज हाज समंदर में उतार दिया है।

भारत के बलिस्टिक मिसाइल टेस्ट से पहले चीन में खलबली, समंदर में उतारा जासूसी जहाज
Ankit Ojhaएजेंसियां,नई दिल्लीTue, 06 Dec 2022 11:31 AM

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भारत और चीन के बीच केवल लद्दाख में ही नहीं बल्कि समंदर में भी तनाव कम नहीं है। एक तरफ पूर्व लद्दाख में सेनाएं आमने-सामने हैं। अब कि जब भारत हिंद महासागर में अगले सप्ताह बलिस्टिक मिसाइल टेस्ट करने जा रहा है तो चीन ने एक जासूसी पोत को समंदर में उतार दिया है। भारतीय नौसेना ने ट्रैक किया है कि चीन का पोत इंडोनेशिया के सुंडा स्ट्रेट में उतारा गया है। यह वही पोत है जिसे अगस्त में हंबनटोटा भेजा गया था। इसक नाम युआन वांग-5 है। 

20 हजार टन  का यह पोत बड़े ऐंटीना, अडवांस सेंसर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लैस है। इसपर 400 से ज्यादा क्रू तैनात हैं। बता दें कि हाल ही में भारत ने बंगाल की खाड़ी को नो फ्लाइ जोन घोषित करने का नोटिस जारी किया है। ओडिशा के अब्दुल कलाम द्वीप से 15 और 16 दिसंबर को बलिस्टिक मिसाइल का टेस्ट किया जाना है। सूत्रों का कहना है कि देश की सबसे ताकतवर मिसाइल अग्नि-5 को सेना में शामिल किया जाना है। इसकी रेंज 5 हजार किलोमीटर की है। इसीलिए बलिस्टिक मिसाइल का टेस्ट किया जाना है। 

इस मिसाइल का तीन चरणों का यूजर ट्रायल किया जाना है। बता दें कि अग्नि-5 मिसाइल की जद में चीन भी आता है। इसलिए चीन में खलबली मच रही है। अब देखना यह है कि शेड्यूल के मुताबिक ही मिसाइल का टेस्ट किया जाएगा या फिर समय में परिवर्तन होगा। पिछले महीने जब 3 हजार किलोमीटर रेंज वाली अग्नि-3 मिसाइल का टेस्ट हुआ था तब समय में परिवर्तन कर दिया गया था। 

नियम के मुताबिक सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय जल में नेविगेशन की छूट है। इसीलिए चीन के इस जासूसी जहाज को रोका भी नहीं जा सकता है। यह जहाज पीएलए के स्ट्रैटजिक सपोर्ट टीम की तरफ से भेजा जा रहा है। एक सूत्र ने कहा कि चीन के पास सैटलाइट उपकरण भी हैं जो कि मिसाइल टेस्ट को ट्रैक कर सकते हैं। वहीं चीनी जहाज अकसर हिंद महासागर में डेटा जुटाने और ओसियनोग्राफिक मैप बनाने के लिए आते हैं। 

चीन की नौसेना काफी ताकतवर है। उसके पास कम से कम 355 युद्धपोत हैं। इसके अलावा यह अपना लॉजिस्टिक बेस कंबोडिया, सशेल्स और मॉरिसस के अलावा पूर्वी अफ्रीका के देशों में भी स्थापित कर चुकी है। नौसेना प्रमुख ऐडमिरल आर हरि कुमार ने शनिवार को कहा कि भारत  भी लगातार चीनी युद्ध पोतों पर नजर रखता है। इसके अलावा सर्वे शिप और फिशिंग बोट का भी पूरा ध्यान दिया जाता है।