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ड्रोन से लेकर जेट तक, चीन दुनिया को क्यों दिखा रहा अपने शक्तिशाली हथियारों का जखीरा

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीPublished By: Gaurav
Tue, 28 Sep 2021 12:53 PM
ड्रोन से लेकर जेट तक, चीन दुनिया को क्यों दिखा रहा अपने शक्तिशाली हथियारों का जखीरा

चीन ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय एयर शो में दुनिया को अपने नए हथियारों का जबरदस्त जखीरा दिखाया। इस एयर शो के जरिए चीन ने अपनी ताकत का एहसास दुनियाभर को कराने की कोशिश की है। ताइवान से दक्षिण चीन सागर तक के विवादित क्षेत्रों और अमेरिका के साथ बढ़ती प्रतिद्वंद्विता के बीच इन हथियारों और उपकरणों के माध्यम से चीन ने अपनी वायुशक्ति का प्रदर्शन किया है। चीन ने इसका प्रदर्शन चीन में ही आयोजित अंतरराष्ट्रीय पेशेवर एयरोस्पेस प्रदर्शनी में किया है।

दरअसल, चीन में अब तक का सबसे बड़ा एयर शो आयोजित किया जा रहा है। चीन के आर्थिक विकास को बढ़ाने और वर्ल्ड एयरोस्पेस के विकास में अधिक योगदान देने के लिए 13वां अंतर्राष्ट्रीय एयरोस्पेस एक्सपो 28 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चीन के क्वांगतोंग प्रांत के झुआई अंतरराष्ट्रीय एयरशो सेंटर में आयोजित हो रहा है। इस एयर शो में शांति की रक्षा करने और देश के आर्थिक निर्माण की सेवा करने पर अधिक जोर दिया जा रहा है। यह एयर शो चीन के विमानन उद्योग के विकास के परिणामों को दिखाएगा।

इसमें नई तकनीक से बने ड्रोन से लेकर जेट तक को भी दिखाया गया है। ये सभी आसमान में उड़ते नजर आए। इसे चीन का सबसे बड़ा एयर शो माना जा रहा है। चीन आधुनिक संभावित युद्ध के लिए अपनी सेना को तैयार करने के लिए 2035 की समय सीमा को पूरा करने पर जोर दे रहा है। एयर शो के दौरान मंगलवार को हमलों को अंजाम देने में सक्षम एक नए निगरानी ड्रोन का अनावरण भी किया गया। ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस एजेंसी जेन्स के अनुसार अपने लंबे पंखों के साथ यह ड्रोन मिसाइलों को भी ले जा सकता है।

एयर शो के जरिए संदेश देने की कोशिश!
चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर दावा करता है, जबकि कई अन्य देशों के साथ विवादित मामले चल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन इस एयर शो के जरिए दुनियाभर को संदेश देना चाहता है कि वह अब तकनीक और हथियारों के मामले में अमेरिका को टक्कर दे सकता है। हालांकि चीन अभी भी अपनी युद्ध मशीन में तकनीक और निवेश के मामले में अमेरिका से पीछे है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि चीन अब इस अंतर को कम कर रहा है। इस साल एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट ने चीन के बढ़ते प्रभाव को अमेरिका के सबसे बड़े खतरों में से एक के रूप में बताया है।

यह एयर शो जो आमतौर पर हर दो साल में आयोजित किया जाता है, पिछले साल कोरोना महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया था। हालांकि इस बार यह एयर शो दर्शकों के सामने आयोजित किया जा रहा है। इस एयर शो में चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, रूस, कनाडा और ब्राजील सहित लगभग 40 देशों और क्षेत्रों की 700 कंपनियां भाग लेंगी। इसके अलावा, प्रदर्शनी हॉल की संख्या 8 से बढ़कर 11 तक जा पहुंच गई हैं। इनडोर प्रदर्शनी का क्षेत्रफल एक लाख वर्ग मीटर है, जो 14 फुटबॉल मैदानों के बराबर है, जबकि बाहरी प्रदर्शनी का क्षेत्रफल 3.6 लाख वर्ग मीटर है, जो 50 फुटबॉल मैदानों के बराबर है। 

इसमें 100 से अधिक विमानों का प्रदर्शन किया जाएगा। एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्रों में दुनिया के उन्नत स्तर वाले नए उत्पादों, नई प्रौद्योगिकियों, नई सेवाओं और नई उपलब्धियों की विश्व प्रीमियर, चीन में पहली प्रदर्शनी होगी। वर्तमान एक्सपो में चीन 150 स्व-निर्मित विमानन उपकरणों और प्रौद्योगिकी परियोजनाओं का प्रदर्शन करेगा, जिनमें से लगभग 40 प्रतिशत पहली बार प्रदर्शित की जाएंगी।

बता दें कि चीन अंतर्राष्ट्रीय एयरोस्पेस एक्सपो चीनी राज्य परिषद द्वारा स्वीकृत एकमात्र अंतरराष्ट्रीय पेशेवर एयरोस्पेस प्रदर्शनी है, जिसमें उड़ान शो और जमीनी उपकरणों के प्रदर्शन शामिल हैं। 1996 में अपनी स्थापना के बाद से, चीन अंतर्राष्ट्रीय एयरोस्पेस एक्सपो एयरोस्पेस और रक्षा के क्षेत्रों में एक उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय मेला बन गया है और दुनिया के शीर्ष पांच एयर शो में से एक है।

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