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चाल: चीन चाहता था, सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष कश्मीर मसले पर बयान दें

Pakistan will pay $40 billion to China in 20 years as repayments of debt and dividends on a $26.5 bn

कश्मीर मसले को लेकर सुरक्षा परिषद में हुई गुप्त बैठक में चीन और पाक दोनों को हर मोर्चे पर मात मिली।  दोनों की इस मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की हर कोशिश नाकाम रही। सूत्रों ने बताया कि बैठक के बाद चीन सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष पोलैंड द्वारा बयान देने पर जोर दे रहा था। ब्रिटेन ने भी चीन का समर्थन किया हालांकि, पोलैंड ने कोई बयान नहीं दिया। अधिकांश सदस्यों ने कहा, बैठक के बाद बयान जारी नहीं किया जाए। चीन के राजदूत झांग जून और पाक राजदूत मालेहा लोधी ने बैठक से जुड़ी खबरों पर टिप्पणी की। लेकिन सवाल का जवाब नहीं दिया।  

घोषणा पत्र का पालन हो
चीन ने संयुक्त राष्ट्र में हुई बैठक में कहा कि कश्मीर मसला संयुक्त राष्ट्र घोषणा पत्र के अनुसार हल होना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि झांग जिम ने यह जानकारी दी। पाक और चीन दोनों को संयुक्त राष्ट्र में मुंह की खानी पड़ी थी।

चीनी दूत ने यूएनएससी में कश्मीर समस्या पर चीन के रुख पर प्रकाश डाला
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने भारत, पाकिस्तान मुद्दे पर 16 अगस्त की सुबह अनौपचारिक वार्ता की। वार्ता के बाद चीनी दूत चांग च्वन सुरक्षा परिषद के हॉल के बाहर देसी-विदेशी पत्रकारों से मिले। उन्होंने वार्ता के बारे में जानकारी दी और कश्मीर समस्या पर चीन के रुख पर भी प्रकाश डाला। चांग च्वन ने कहा कि “सुरक्षा परिषद ने कश्मीर परिस्थिति पर चर्चा की। सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने हालिया कश्मीरी परिस्थिति पर बड़ा ध्यान दिया है और आशा जताई कि संबंधित विभिन्न पक्ष संयम रखकर परिस्थिति के और तीव्र होने की एकतरफावादी कार्रवाई से बचेंगे। सुरक्षा परिषद ने भारत और पाकिस्तान से वार्ता के जरिए समस्या का अच्छी तरह समाधान करने की अपील भी की।”

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चांग च्वन ने कहा कि “कश्मीर समस्या भारत और पाकिस्तान के बीच इतिहास में छोड़ी गई समस्या है। सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्ताव में कश्मीर को एक विवादास्पद क्षेत्र माना जाता है। कश्मीर समस्या को संयुक्त राष्ट्र चार्टर, सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्ताव और द्विपक्षीय समझौते के मुताबिक शांतिपूर्ण तरीकों से अच्छी तरह हल किया जाना चाहिए।” चांग च्वन ने कहा, “भारत ने संविधान संशोधन से कश्मीर की मौजूदा स्थिति को बदला है, जिससे क्षेत्रीय तनाव पैदा हुआ है। कश्मीर परिस्थिति के प्रति चीन कड़ी नजर रखता है। चीन ने संबंधित पक्षों से संयम रखकर परिस्थिति के और तीव्र होने से बचाने की अपील की।”

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उन्होंने यह भी कहा, “भारत की कार्रवाई ने चीन के प्रभुत्व वाले हितों को भी चुनौती दी है, जिन पर भी चीन बड़ा ध्यान देता है। भारत की कार्रवाई का कोई प्रभाव नहीं होगा। साथ ही यह कार्रवाई संबंधित प्रादेशिक भूमि पर चीन की प्रभुसत्ता के तथ्य को भी नहीं बदल सकेगी।” उन्होंने कहा, “भारत और पाकिस्तान दोनों चीन के मैत्रीपूर्ण पड़ोसी देश हैं। दोनों विकासमान देश हैं। दोनों देश विकास के कुंजीभूत काल में रहे हैं। चीन ने दोनों देशों से देश के विकास को महत्व देकर दक्षिण एशिया की शांति के मद्देनजर विवादों को अच्छी तरह हल करने और एकतरफावादी कार्रवाइयों से बचने की अपील की।”

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  • Web Title:China Wants UNSC President Make Statement Over Kashmir Issue