दक्षिण चीन सागर : चीन ने जापानी दूत को तलब किया
चीन ने दक्षिण चीन सागर मामले में 2016 के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता फैसले का समर्थन करने पर जापान के दूतावास के वरिष्ठ राजनयिक को तलब किया। चीन ने कहा कि विवादित समुद्री क्षेत्र पर उसका प्रशासन और अधिकार कभी समाप्त नहीं हुआ। 14 देशों ने इस फैसले को दोबारा पुष्टि की।

बीजिंग, एजेंसी। दक्षिण चीन सागर मामले में चीन ने 2016 के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता फैसले का समर्थन करने पर जापान के दूतावास के वरिष्ठ राजनयिक को रविवार को तलब किया। इसके साथ ही कड़ा विरोध दर्ज कराया। दक्षिण चीन सागर पर अपने दावे को लेकर चीन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि विवादित समुद्री क्षेत्र पर उसका प्रशासन और अधिकार कभी समाप्त नहीं हुआ। चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार विदेश मंत्रालय के एशियाई मामलों के विभाग के अधिकारियों ने जापानी दूतावास के वरिष्ठ राजनयिक को तलब किया।
चीन का कड़ा विरोध
इसके साथ ही टोक्यो के रुख पर गहरी नाराजगी और कड़ा विरोध जताया। यह कदम ऐसे समय उठाया गया, जब जापान सहित 14 देशों ने संयुक्त बयान जारी कर हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय के उस फैसले की दोबारा पुष्टि की, जिसमें दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सही नहीं बताया गया है। संयुक्त बयान में कहा गया कि 2016 का फैसला दक्षिण चीन सागर विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
यूरोपीय संघ का बयान
यह चीन और फिलीपींस के बीच समुद्री अधिकारों एवं दावों के संबंध में अंतिम और कानूनी रूप से बाध्यकारी है। उधर, 27 देशों के यूरोपीय संघ ने भी अलग बयान जारी कर इस फैसले को विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय बताया।
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