चीन ने पहली बार जमीन पर वापस उतारा रॉकेट का पहला हिस्सा

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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चीन ने पहले बार अपने रॉकेट के पहले चरण को नियंत्रित तरीके से वापस उतारने में सफलता हासिल की। इससे इस हिस्से का पुन:उपयोग संभव होगा और लॉन्च की लागत कम करने में मदद मिलेगी। रॉकेट झृक-3 को बुधवार सुबह लॉन्च किया गया था।

चीन ने पहली बार जमीन पर वापस उतारा रॉकेट का पहला हिस्सा

चीन ने पहली बार अपने किसी रॉकेट के पहले चरण (हिस्से) को जमीन पर नियंत्रित तरीके से वापस उतारने में सफलता हासिल की। इसकी सफल वापसी से इसका दोबारा प्रयोग किया जा सकेगा और अगले लॉन्च की लागत कम करने में मदद मिलेगी। झृक-3 नाम के रॉकेट को बुधवार सुबह लॉन्च किया गया। लॉन्च के बाद रॉकेट का पहला हिस्सा सफलतापूर्वक जमीन पर वापस आ गया। इस सफल वापसी में चीन ने पहली बार खुलने वाले लैंडिंग लेग का इस्तेमाल किया।

इसके वापस आने के फायदे

रॉकेट का पहला हिस्सा बहुत महंगा होता है। अगर हर बार नया रॉकेट बनाना पड़े तो अंतरिक्ष में एक लॉन्च भेजने की लागत बहुत ज्यादा होगी। लेकिन अगर पहला हिस्सा सुरक्षित वापस आ जाए और उसकी जांच करके दोबारा इस्तेमाल किया जा सके, तो अगले लॉन्च में नया पहला चरण बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे रॉकेट लॉन्च करने की लागत कम हो सकती है।

समुद्र में वापस लाया गया था रॉकेट

इससे पहले जुलाई में चीन समुद्र में रॉकेट के एक हिस्से को वापस लेने में सफल हुआ था। लांग मार्च-10बी रॉकेट का पहला हिस्सा लॉन्च के बाद दूसरे हिस्से से अलग हो गया था। इसके बाद पहला हिस्सा वापस समुद्र में मौजूद एक प्लेटफॉर्म पर आ गया था। उस समय रॉकेट के पहले चरण को वापस पकड़ने के लिए जाल से पकड़ने वाली प्रणाली का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि एलन मस्क की स्पेसएक्स और एमेजॉन के संस्थापक जेफ बेजोस की ब्लू ऑर्जिन 2015 से रॉकेटों को वापस लाने की तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं। इस तकनीक की मदद से रॉकेट के उन हिस्सों को दोबारा इस्तेमाल किया जाता है, जिन्हें आम तौर पर उपग्रह और अन्य सामान अंतरिक्ष तक पहुंचाने के बाद फेंक दिया जाता है।

जापान भी विकसित कर रहा तकनीक

जापान ने एक प्रयोगात्मक दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले रॉकेट की पहली परीक्षण उड़ान की। रॉकेट ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी और फिर सुरक्षित तरीके से वापस जमीन पर उतर गया। जापान भी ऐसी तकनीक विकसित करने की कोशिश कर रहा है, जिससे रॉकेट लॉन्च की लागत कम की जा सके।

इस तरह मिली सफलता

- चीन ने रॉकेट को अंतरिक्ष के लिए लॉन्च किया

- रॉकेट तेजी से ऊपर गया और अंतरिक्ष की ओर बढ़ा

- ऊपर पहुंचने के बाद रॉकेट का पहला हिस्सा अलग हो गया

- पहला हिस्सा इंजन की मदद से नियंत्रित तरीके से धरती की ओर वापस आने लगा

- जमीन के पास पहुंचते ही रॉकेट के लैंडिंग लेग यानी पैर खुल गए

- पहला हिस्सा सफलतापूर्वक जमीन पर उतर गया और इसे दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है

चांद पर पानी के निशान तलाशने जाएगा नया रॉकेट

चीन का अगला रोबोटिक चंद्र मिशन चांग ई-7 जल्द ही चांद की यात्रा पर रवाना होने वाला है। इसका मुख्य उद्देश्य चांद पर पानी के निशान तलाशना है। चीन की मानवयुक्त अंतरिक्ष एजेंसी ने बुधवार को यह जानकारी दी। चांग ई-7 में कई उपकरण होंगे। ऑर्बिटर चांद की कक्षा में घूमकर जानकारी जुटाएगा। वहीं, छोटा उड़ने वाला रोबोट चांद की ऐसी गहरी जगहों में जाकर जांच कर सकेगा, जहां हमेशा अंधेरा रहता है।

सामान्य प्रश्न

चीन ने रॉकेट के किस हिस्से को नियंत्रित तरीके से वापस उतारा?
चीन ने अपने रॉकेट के पहले चरण (हिस्से) को नियंत्रित तरीके से वापस उतारा।
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