996 वर्क कल्चर के बारे में जानिए जिसे लेकर चीन में हल्ला हो रहा है
हाल ही में चीनी सुप्रीम पीपल्स कोर्ट ने कहा है कि 996 वर्क कल्चर कतई सही नहीं है। बता दें कि चीन की अधिकतर टेक्नोलॉजी कंपनियां इसी 996 मॉडल पर काम करती हैं जो सालों से विवादों में रही है। इस...

हाल ही में चीनी सुप्रीम पीपल्स कोर्ट ने कहा है कि 996 वर्क कल्चर कतई सही नहीं है। बता दें कि चीन की अधिकतर टेक्नोलॉजी कंपनियां इसी 996 मॉडल पर काम करती हैं जो सालों से विवादों में रही है। इस मॉडल के तहत कर्मचारियों को सुबह 9 बजे से रात के 9 बजे तक सप्ताह में छह दिन काम करना होता है। माने एक कर्मचारी एक सप्ताह में 72 घंटे काम करता है जो कि अमानवीय है।
चीनी अधिकारियों ने कंपनियों को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस तरह का वर्क कल्चर अवैध है और पकड़े जाने पर कड़ी कारवाई की जा सकती है। हाल के दिनों में चीन में कई ऐसे रिपोर्ट्स सामने आए हैं जिसमें बताया गया है कि मजदूरों से ओवरटाइम काम करवाया जा रहा है। इसी के बाद कोर्ट ने कंपनियों को चेतावनी दी है।
चीनी श्रम कानूनों के मुताबिक एक दिन में 8 घंटे का काम होता है। कोई भी कंपनी अपने कर्मचारियों से एक सप्ताह में अधिकतम 44 घंटे काम करवा सकती है। और अगर इससे अधिक काम करवाया जाता है तो अतिरिक्त पैसे दिए जाने के नियम हैं। लेकिन चीन में अब तक इस नियम को सही तरह से लागू नहीं किया गया है।
चीन की कई बड़ी कंपनियों में कर्मचारियों से अधिकतर तय वक्त से अधिक काम करवाया जाता है और उन्हें अधिकतर इस बात के लिए कोई बोनस या मुआवजा तक नहीं दिया जाता है। कई बार कर्मचारियों ने इसे लेकर शिकायत भी है लेकिन अधिकतर केस फाइलों में सिमटकर रह गए हैं। लेकिन कोर्ट के नोटिस और अधिकारियों के दावों से मजदूरों को अब उम्मीद है कि 996 जैसा वर्क कल्चर चीन से खत्म हो जाएगा और उन्हें राहत मिलेगी।
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Aditya Kumarलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


