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हिंदी न्यूज़ विदेशगधों से चलेगी पाकिस्तान की इकॉनमी? चीन ने खरीदने में दिखाई दिलचस्पी, जानें वजह

गधों से चलेगी पाकिस्तान की इकॉनमी? चीन ने खरीदने में दिखाई दिलचस्पी, जानें वजह

पाकिस्तान दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा गधों की आबादी वाला देश है। पहले भी चीन अपने दोस्त पाकिस्तान से गधे खरीद चुका है। फिर से चीन ने पाकिस्तान से गधों और कुत्तों को आयात करने के लिए दिलचस्पी जताई है।

गधों से चलेगी पाकिस्तान की इकॉनमी? चीन ने खरीदने में दिखाई दिलचस्पी, जानें वजह
Madan Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,इस्लामाबादWed, 05 Oct 2022 05:43 PM

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पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति दुनियाभर के देशों से छिपी हुई नहीं है। कभी पाक चीन से तो कभी आईएमएफ से कर्ज की मांग करता रहता है। अब पाकिस्तान अपने देश के गधों और कुत्तों को चीन को बेचने का मन बना रहा है। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या पाकिस्तान गधे और कुत्ते एक्सपोर्ट करके अपनी इकॉनमी सुधारने की कोशिश कर रहा है? वहीं, चीन ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई है। बता दें कि पाकिस्तान दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा गधों की आबादी वाला देश है। यहां पर 57 लाख गधों की संख्या है। पहले भी गधों को पाकिस्तान चीन को निर्यात कर चुका है। 

पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को वाणिज्य पर सीनेट की स्थायी समिति को बताया कि चीन ने पाकिस्तान से गधों और कुत्तों को इम्पोर्ट करने में रुचि व्यक्त की है। जानकारी के अनुसार, वाणिज्य पर सीनेट की स्थायी समिति की बैठक इस्लामाबाद में जीशान खानजादा की अध्यक्षता में आयात और निर्यात पर एक ब्रीफिंग प्राप्त करने के लिए आयोजित की गई थी।

बैठक के दौरान स्थायी समिति के सदस्य दिनेश कुमार ने कहा कि चीन पाकिस्तान से गधों के साथ-साथ कुत्तों को भी निर्यात करने को कह रहा है. इस पर सीनेटर अब्दुल कादिर ने कहा कि चीनी राजदूत कई बार पाकिस्तान से मांस निर्यात करने की बात कर चुके हैं.

बता दें कि पिछले साल, पंजाब सरकार ने विदेशी मुद्रा हासिल करने के लिए गधों को निर्यात करने के उद्देश्य से ओकारा जिले में एक फार्म स्थापित किया है। फार्म को प्रांत में पहली सरकारी स्वामित्व वाली सुविधा कहा जाता है, जहां अमेरिकी सहित महान नस्लों के गधों को चीन और अन्य देशों में निर्यात के लिए पाला जाएगा।

वहीं, गधों का फार्म बहादुरनगर फार्म में स्थापित किया गया था जो 3,000 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। बहादुरनगर फार्म के प्रबंधक डॉ मंसूर मुबीन ने कहा था कि तेजी से बदलते आर्थिक रुझान ग्रामीण क्षेत्रों में क्रांति ला रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रोजेक्ट से स्थानीय ब्रीडर्स को आजीविका कमाने में मदद मिलेगी।

क्यों गधों में दिलचस्पी दिखा रहा चीन?
रिपोर्ट के अनुसार, गधों में चीन की गहरी दिलचस्पी इसलिए है क्योंकि वे पारंपरिक चीनी दवाओं, "ईजाओ" या जिलेटिन के निर्माण में जानवरों की खाल का उपयोग करते हैं। इसके अलावा, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने और इम्युनिटी सिस्टम को बढ़ाने के लिए दवा में इस्तेमाल किया जाता है।