ट्रेंडिंग न्यूज़

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ विदेश'सलामी स्लाइसिंग' रणनीति से नेपाल की जमीन कब्जा रहा चीन, हिंदुओं के मंदिरों में जाने से भी लगा रहा बैन

'सलामी स्लाइसिंग' रणनीति से नेपाल की जमीन कब्जा रहा चीन, हिंदुओं के मंदिरों में जाने से भी लगा रहा बैन

अतिक्रमण का पैमाना ऐसा है कि चीन की सीमा से लगे नेपाल के 15 जिलों में से सात से अधिक (दोलखा, गोरखा, दारचुला, हुमला, सिंधुपालचौक, संखुवासा और रसुवा) चीनी भूमि अतिक्रमण का सामना कर रहे हैं।

'सलामी स्लाइसिंग' रणनीति से नेपाल की जमीन कब्जा रहा चीन, हिंदुओं के मंदिरों में जाने से भी लगा रहा बैन
Amit Kumarएएनआई,काठमांडूThu, 24 Nov 2022 04:31 PM

इस खबर को सुनें

0:00
/
ऐप पर पढ़ें

नेपाल की उत्तरी सीमा पर चीन ने 10 स्थानों पर 36 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा कर लिया है। जानकार इसे चीन की 'सलामी स्लाइसिंग' का नतीजा बता रहे हैं। चीन 'सलामी-स्लाइसिंग नीति' का इस्तेमाल दूसरे देशों की जमीन काटने के लिए कर रहा है। भारत से उसका सीमा विवाद जग जाहिर है। लेकिन अब नेपाल की जमीन भी कब्जाता जा रहा है। नेपाली कृषि मंत्रालय द्वारा जारी सर्वे दस्तावेज के मुताबिक चीन ने उत्तरी सीमा पर 10 जगहों पर नेपाल की 36 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा कर लिया। गृह मंत्रालय द्वारा किए गए अध्ययन से यह भी निष्कर्ष निकला है कि सीमा के मुद्दों को नेपाल की "राज्य नीति" में शामिल करना आवश्यक है।

सलामी स्लाइसिंग रणनीति चीन की एक सोची समझी चाल है। इस रणनीति के तहत चीन बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने से पहले छोटी-छोटी कार्रवाई करता है। सीधे शब्दों में कहें तो चीन की सलामी स्लाइसिंग नीति का मतलब पड़ोसी देशों के खिलाफ छोटे-छोटे सैन्य ऑपरेशन चलाकर धीरे-धीरे किसी बड़े इलाके पर कब्जा करने से है। ऐसे ऑपरेशन इतने छोटे स्तर पर किए जाते हैं कि इनसे युद्ध की आशंका नहीं होती है, लेकिन पड़ोसी देश के लिए यह समझना मुश्किल हो जाता है कि इसका जवाब कैसे और कितना दिया जाए। 

हालाकि, विश्व समुदाय और खुद नेपाली चीन की इस चाल को सही से पढ़ नहीं पा रहे हैं। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने 2016 में नेपाल के एक जिले में पशुपालन के लिए पशु चिकित्सा केंद्र बनाया था, लेकिन नेपाल ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। यूके स्थित मीडिया द्वारा फरवरी 2022 की एक रिपोर्ट में, उल्टा चीन ने नेपाल पर साझा सीमाओं पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया था। इसके बाद आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर चीन ने नेपाल के सुदूर पश्चिमी हुमला जिले में सीमा चौकी के आसपास नहरें और सड़कें बनाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि चीन पर "नेपाल के बगल में चीनी सीमा, लालुंगजोंग सीमा क्षेत्र में निगरानी गतिविधियों" का भी आरोप लगाया गया था। हाल की रिपोर्टों से पता चला है कि न केवल नेपाली किसानों को पशुओं के चराने पर प्रतिबंध का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि चीन द्वारा सीमावर्ती क्षेत्र में 'हिंदू और बौद्ध मंदिरों' पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

चीनी अतिक्रमण का पैमाना ऐसा है कि चीन की सीमा से लगे नेपाल के 15 जिलों में से सात से अधिक (दोलखा, गोरखा, दारचुला, हुमला, सिंधुपालचौक, संखुवासा और रसुवा) चीनी भूमि अतिक्रमण का सामना कर रहे हैं। दार्चुला और गोरखा के गांवों को भी चीन ने अपने कब्जे में ले लिया है, इसका ताजा उदाहरण रुई गांव है। सितंबर 2020 में, चीन ने हुमला जिले की सुदूर सीमा पर ग्यारह इमारतें भी बनाईं।

इस जिले के कई स्तंभों को चीन द्वारा ध्वस्त किया पाया गया। नेपाल की तत्कालीन सरकार ने हुमला जिले की स्थिति का अध्ययन करने के लिए गृह मंत्रालय को सौंपा है। द काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, संयुक्त सचिव जयनारायण आचार्य के नेतृत्व वाली अध्ययन समिति ने सितंबर 2021 के आखिरी सप्ताह में गृह मंत्री को एक रिपोर्ट सौंपी थी।

epaper