यूएनएससी में भारत की दावेदारी पर चीन की नजर
चीन ने भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता दावेदारी पर गौर किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस संबंध में भारत के आधिकारिक प्रचार अभियान की शुरुआत की। चीन ने अभी तक भारत का समर्थन नहीं किया है, जबकि अन्य स्थायी सदस्य देश समर्थन दे चुके हैं।

चीन ने गुरुवार को कहा कि उसने 2028-29 की अवधि के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की अस्थायी सदस्यता हासिल करने की भारत की दावेदारी से जुड़ी खबरों पर गौर किया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता के लिए भारत के आधिकारिक प्रचार अभियान की शुरुआत की थी। इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजदूत, राजनयिक और अधिकारी शामिल हुए थे।
चीन का रुख
सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता के लिए चुनाव लड़ने की भारत की घोषणा पर चीन के रुख के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि चीन ने इससे जुड़ी खबरों पर गौर किया।
पाँच स्थायी सदस्य देश
चीन सुरक्षा परिषद के वीटो अधिकार प्राप्त पांच स्थायी सदस्यों में शामिल है, लेकिन उसने अभी तक भारत की दावेदारी का समर्थन नहीं किया। इसके विपरीत, पांच स्थायी सदस्यों में शामिल अन्य चार देश अमेरिका, ब्रिटेन, रूस और फ्रांस सुधार के बाद गठित होने वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का स्पष्ट रूप से समर्थन कर चुके हैं। सुरक्षा परिषद में 2028-29 के कार्यकाल के लिए चुनाव अगले साल जून में होंगे। इसमें एशिया-प्रशांत समूह की एकमात्र सीट के लिए भारत और ताजिकिस्तान के बीच मुकाबला होगा।
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