China Myanmar ink 33 deals to accelerate BRI as Xi Jinping Aung San Suu Kyi - हिंद महासागर में चीन का दखल बढ़ा, म्यांमार के साथ 33 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर DA Image
19 फरवरी, 2020|10:23|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हिंद महासागर में चीन का दखल बढ़ा, म्यांमार के साथ 33 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर

xi jinping meet aung san suu kyi in myanmar   reuters twitter 18 jan  2020

रोहिंग्या मुस्लिमों पर दुनियाभर के दबाव का सामना कर रहे म्यांमार ने शनिवार (18 जनवरी) को चीन के साथ 33 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। जिनसे चीनी ड्रेगन की हिंद महासागर में पैठ और गहरी हो जाएगी। भारत के लिहाज से इसे चिंताजनक माना जा रहा है। इन समझौतों से चीन ने अपनी महत्वाकांक्षी वन बेल्ट वन रोड परियोजना में म्यांमार की भागीदारी पर भी मुहर लगाई है।

अपने दो दिवसीय म्यांमार दौरे के आखिरी दिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शनिवार को म्यांमार की काउंसलर आंग सान सू की से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों में 33 बड़े समझौतों पर दस्तखत किए गए। वन बेल्ट वन रोड चीन के नए व्यापार मार्ग को रेखांकित करता है जिसे 21वीं सदी का रेशम मार्ग कहा जा रहा है।

इससे पहले मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सू की के साथ लंबी चर्चा की। बातचीत के दौरान उन्होंने म्यांमार में विशाल बुनियादी ढांचे के निर्माण में सहयोग का वादा किया। सू की ने जिनपिंग को बताया कि म्यांमार-चीन आर्थिक गलियारे के निर्माण को बढ़ावा देना और परिवहन, ऊर्जा, उत्पादन क्षमता, मानवीय एवं सांस्कृतिक विनिमय, सीमावर्ती इलाकों और क्षेत्रीय मामले म्यांमार की प्राथमिकता में हैं।

स्थानीय मीडिया के मुताबिक, जिनपिंग दो दिवसीय यात्रा पर शुक्रवार को म्यांमार पहुंचे। उन्होंने इस दौरे को दोनों देशों के बीच संबंधों के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। शी ने कहा कि चीन म्यांमार का भरोसेमंद दोस्त है। वह हमेशा दूसरे देशों के मामले में हस्तक्षेप नहीं करने के सिद्धांत को बरकरार रखेगा।

साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर म्यांमार के लिए न्याय और उसकी राष्ट्रीय संप्रभुता व वैध हितों का समर्थन करता रहेगा। सू की ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि चीन मझोले और छोटे देशों के लिए न्याय को बरकरार रखेगा। उन्होंने कहा कि कुछ देश मानवाधिकार, जातीयता एवं धर्म के बहाने से दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की मंशा रखते हैं। म्यांमार ऐसा हस्तक्षेप कभी स्वीकार नहीं करेगा। बता दें कि रोहिंग्या संकट को लेकर खामोशी की वजह से सू की को वैश्विक स्तर पर तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा था। 

क्या है वन बेल्ट, वन रोड परियोजना
ओबीओआर को सिल्क रोड इकॉनमिक बेल्ट के तौर पर भी जाना जाता है। यह विकास रणनीति है, जो कनेक्टिविटी पर केंद्रित है। इसके माध्यम से सड़कों, रेल, बंदरगाह, पाइपलाइनों और अन्य सुविधाओं को जमीन और समुद्र के रास्ते एशिया, यूरोप और अफ्रीका से जोड़ा जाएगा। इसे 2013  में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शुरू किया था।

इन परियोजनाओं पर भी समझौता
समझौतों में राजनीति, व्यापार, निवेश, लोगों से लोगों के स्तर पर संपर्क, बेल्ट, रोड पहल से जुड़ी परियोजना से जुड़े समझौते शामिल हैं। सू की ने कहा, म्यांमार-चीन आर्थिक गलियारे के निर्माण समेत परिवहन, ऊर्जा, उत्पादन क्षमता, मानवीय एवं सांस्कृतिक विनिमय, सीमावर्ती इलाकों और क्षेत्रीय मामले म्यांमार की प्राथमिकता में हैं।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:China Myanmar ink 33 deals to accelerate BRI as Xi Jinping Aung San Suu Kyi