खेल : लक्ष्य की अगुआई में भारतीय शटलरों को पहले खिताब की तलाश
चाइना मास्टर्स आज से शुरू हो रहा है, जिसमें 12.5 लाख अमेरिकी डॉलर की इनामी राशि है। भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन इस टूर्नामेंट में चुनौती पेश करेंगे, हालांकि उन्हें कड़ी प्रतियोगिता का सामना करना होगा। पुरुष युगल में सात्विक-चिराग से भारत को काफी उम्मीद है। महिला एकल में युवा खिलाड़ियों पर नजर रहेगी।

चाइना मास्टर्स : आज से शुरू हो रहा है साढ़े 12 लाख अमेरिकी डॉलर की इनामी राशि वाला टूर्नामेंट, दो बार पुरुष युगल के फाइनल में भारत खिताब से वंचित रह चुका
भारतीय शटलरों की खिताब की तलाश
लक्ष्य की अगुआई में भारतीय शटलरों को पहले खिताब की तलाश
सात्विक-चिराग दो बार उपविजेता रह चुके
सात्विक-चिराग की चुनौती
सात्विक-चिराग की जोड़ी इस टूर्नामेंट में दो बार खिताब चूक गई। 2023 में शीर्ष वरीय भारतीय जोड़ी को दूसरी वरीय जोड़ी चीन के वैंग चैंग और लिआंग वेइकेंग ने तीन गेम में हराया था। फिर पिछले साल 2025 में आठवें वरीय भारतीय किम वोन हो और सिओ सेउंग जाए की शीर्ष वरीय कोरियाई जोड़ी से हार गए। अब भारतीय जोड़ी हर हाल में खिताबी दूरी खत्म करना चाहेगी。
शेनझेन, एजेंसी। चीन के वर्चस्व वाले चाइना मास्टर्स में क्या कोई भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी (या जोड़ी) इस बार खिताब सकेगा? मंगलवार से यहां शुरू हो रहे टूर्नामेंट में इससे पहले कई भारतीय चुनौती पेश कर चुके हैं लेकिन कोई पदक नहीं जीत सका। हालांकि दो बार पुरुष युगल के फाइनल में में भारतीय जोड़ी को हार का सामना करना पड़ा।
लक्ष्य को मुश्किल ड्रॉ
लक्ष्य सेन विश्व चैंपियनशिप में शुरुआत में ही बाहर होने की निराशा को पीछे छोड़कर 12,50,000 अमेरिकी डॉलर वाले इस सुपर 750 टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगे। हालांकि उन्हें पहले दौर में ही कड़ी चुनौती का सामना करना होगा। वह अपने पहले मैच में विश्व चैंपियन फ्रांस के एलेक्स लैनियर का सामना करेंगे।
जून में यूएस ओपन सुपर 300 के फाइनल में पहुंचने वाले किदांबी श्रीकांत पहले मैच में चीनी ताइपे के ची यु-जेन का सामना करेंगे। इस सत्र में उनका प्रदर्शन उतार-चढ़ाव वाला रहा है। कनाडा ओपन में चोट के कारण उन्हें टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा था, जिसके बाद कोरिया मास्टर्स में भी वे पहले ही दौर में बाहर हो गए।
सात्विक-चिराग से उम्मीद
पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रांकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी से भारत को काफी उम्मीद होगी। सात्विक और चिराग ने इस साल की शुरुआत में सिंगापुर ओपन जीतकर दो साल का अंतरराष्ट्रीय खिताब का इंतजार खत्म किया था। उन्हें शुरुआती मुकाबला में मेजबान जोड़ी चीन के हू के युआन और लिन जियांग यी का सामना करना होगा। भारतीय जोड़ी हालांकि पिछले महीने नई दिल्ली में विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में चीन की एक अन्य जोड़ी से हारकर बाहर हो गई थी। उनकी नजर अब बेहतर प्रदर्शन पर होगी।
पुरुष जोड़ी हरिहरन आमसकारुनन और एम आर अर्जुन की पुरुष जोड़ी का सामना आठवीं वरीयता प्राप्त जापानी जोड़ी ताकुरो होकी और युगो कोबायाशी से होगा, जो 2021 के विश्व चैंपियन हैं। मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रैस्टो का मुकाबला थाई जोड़ी टोनकिड और टोनरुग साएहेंग से जबकि रोहन कपूर और रुथविका शिवानी गाडे का सामना चीनी ताइपे के वू गुआन शुन और ली चिया ह्सिन से होगा।
महिला एकल में युवाओं पर दारोमदार
महिला एकल में भारत की निगाहें तीन युवा खिलाड़ियों उन्नति हुडा, तन्वी शर्मा और देविका सिहाग पर टिकी रहेंगी। पहले दौर में रोहतक की 18 वर्षीय उन्नति का सामना पांचवीं वरीयता प्राप्त चीन की हान यू से होगा। तन्वी का मुकाबला डेनमार्क की अमाली शुल्ज से और देविका का बुल्गारिया की कालोयाना नलबंतोवा से होगा। इनमें तन्वी और देविका एक ही हाफ में हैं और दूसरे दौर में ही आपस में भिड़ सकती हैं।
महिला युगल में भारत की कोई जोड़ी नहीं उतर रही। पिछले महीने विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली गायत्री गोपीचंद और त्रीसा जॉली टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले रही हैं।


