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मौत और 'छूत' के डर में जकड़ा हुआ है चीन, अभी भी अपनों पर जुल्म ढा रही शी सरकार

चीन में संक्रमित लोगों के साथ जानवरों जैसा सलूक किया जा रहा है। ताजा वीडियो में सरकारी अमला एक युवक को घसीटकर क्वारंटाइन सेंटर ले जा रहा है।

मौत और 'छूत' के डर में जकड़ा हुआ है चीन, अभी भी अपनों पर जुल्म ढा रही शी सरकार
Gaurav Kalaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSun, 04 Dec 2022 01:15 PM

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china corona cases: मौत और 'छूत' के डर से अभी भी चीन की शी जिनपिंग सरकार अभी भी नहीं निकल पा रही है। दुनिया के वैश्विक स्वास्थ्य संकट से आगे बढ़ने के बावजूद चीन में हालात बहुत ज्यादा नहीं बदले हैं। संक्रमित लोगों के साथ जानवरों जैसा सलूक किया जा रहा है। ताजा वीडियो में सरकारी अमला एक युवक को घसीटकर क्वारंटाइन सेंटर ले जा रहा है। इस घटना के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों का गुस्सा एक बार फिर फूट रहा है। उधर, चीन में मौजूदा हालातों से चिंतित अमेरिका का कहना है कि लॉकडाउन जैसे प्रतिबंधों को लागू करने से बेहतर चीन को पश्चिम की ज्यादा कारगर वैक्सीन लेनी चाहिए, लेकिन चीन इसके लिए तैयार नहीं है।

2019 के अंत से कोविड-19 महामारी में सबसे आगे रहे चीन ने अभी तक कई लॉकडाउन देख लिए हैं। वुहान और बीजिंग समेत कई बड़े शहर भूतहा बन गए। करोड़ों लोगों को घरों में कैद करके चीन सरकार कोरोना के नाम जनता पर जुल्म ढा रही है। ढिलाई के तमाम वादों के बावजूद यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोग सड़क पर उतर चुके हैं और जिनपिंग सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा निकाल रहे हैं। दूसरी ओर सरकार के निर्देश के बाद जनता पर अत्याचार लगातार बढ़ रहा है।

हालिया एक वायरल क्लिप में पता लगा है कि चीन में हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। गंभीर लॉकडाउन स्थितियों के बीच लोग रोजाना अपनी जिंदगी के लिए जंग लड़ रहे हैं। इससे पहले भी कई महीनों तक गंभीर कोविड प्रतिबंध जारी रहने के कारण चीन के कई शहरों से भयानक वीडियो और तस्वीरें सामने आईं।

ताजा वीडियो में दिख रहा है कि एक युवक को जबरदस्ती क्वारंटाइन सेंटर ले जाया जा रहा है। वो जाना नहीं चाहता तो उसे घसीटकर सेंटर ले जा रहे हैं। हालांकि बाद में वीडियो वायरल होने पर सरकार ने अपने किये पर माफी भी मांगी है। 

कोरोना के मामूली केस फिर भी प्रतिबंधों में ढील नहीं
चीन में कोरोना केसों में उछाल अन्य देशों के मुकाबले ज्यादा नहीं है। फिर भी सरकार का मानना है कि 2019 के अंत में कोरोना महामारी के उद्भव के दौरान पैदा हुए हालात से अभी की परिस्थितियां ज्यादा विकट है। इसलिए लॉकडाउन जैसे प्रतिबंधों पर सरकार टस से मस नहीं हो रही है। लेकिन, लोग अब प्रतिबंधों के बोझ से परेशान हो गए हैं। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहा है। बावजूद इसके महज घोषणाओं और जुमले वादों को छोड़ जमीन पर कुछ भी नहीं कर रही है।

पश्चिम से बेहतर वैक्सीन लेने को भी तैयार नहीं
उधर, अमेरिका का कहना है कि ओमिक्रॉन के नये और घातक वैरिएंट आने के बाद चीन अपने नागरिकों पर प्रतिबंधों की लंबी फेहरिस्त तो लागू कर रहा है लेकिन, पश्चिम से बेहतर और ज्यादा कारगर वैक्सीन लेने को तैयार नहीं है। शनिवार को अमेरिका के राष्ट्रीय खुफिया निदेशक एवरिल हैन्स ने दावा किया कि शी जिनपिंग सरकार पश्चिम से बेहतर वैक्सीन लेने को तैयार नहीं हो रहे हैं।

लोगों पर अमानवीय व्यवहार से चिंता बढ़ी
चीन की तानाशाही सरकार का अपने लोगों पर अमानवीय व्यवहार थमने का नाम ले रहा है। शून्य कोविड नीति के नाम पर जनता पर बेतहाशा जुल्म किये जा रहे हैं। संक्रमित लोगों के साथ जानवरों जैसा सलूक किया जा रहा है।