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हिंदी न्यूज़ विदेश...तो चीन में बहेगी दूध की गंगा, 100 टन दूध देनेवाली 'सुपर गाय' की सफल क्लोनिंग का दावा

...तो चीन में बहेगी दूध की गंगा, 100 टन दूध देनेवाली 'सुपर गाय' की सफल क्लोनिंग का दावा

रिपोर्ट में कहा गया है कि इनकी क्लोनिंग होल्स्टीन फ्रेज़ियन नस्ल की अत्यधिक दूध देने वाली गायों के क्लोन से किए गए हैं,जो नीदरलैंड में उत्पन्न हुई थी। नई गायें प्रति वर्ष 18 टन दूध दे सकती हैं।

...तो चीन में बहेगी दूध की गंगा, 100 टन दूध देनेवाली 'सुपर गाय' की सफल क्लोनिंग का दावा
Pramod Kumarलाइव हिन्दुस्तान,हॉंग कॉंगThu, 02 Feb 2023 03:39 PM

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चीन ने दावा किया है कि उसने वैज्ञानिकों ने तीन 'सुपर गाय' की सफलतापूर्वक क्लोनिंग की है, जो सामान्य गायों की तुलना में बहुत अधिक मात्रा में दूध का उत्पादन कर सकती हैं। चीनी मीडिया की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सुपर गाय की बदौलत चीन दूध उत्पादन में अग्रणी देश बन सकेगा। सरकारी मीडिया में ये भी दावा किया गया है कि सुपर गाय की क्लोनिंग के बाद चीनी डेयरी उद्योग को उन्नत नस्ल की गायों का आयात करने की जरूरत नहीं रहेगी।

CNN के अनुसार, चीनी सरकारी समाचार पत्र निंग्ज़िया डेली की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि  नॉर्थवेस्ट यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल एंड फॉरेस्ट्री साइंस एंड टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों द्वारा गाय के तीन बच्चों (बछड़ों) की सफल क्लोनिंग 23 जनवरी को लूनर न्यू ईयर से पहले के हफ्तों में निंग्ज़िया क्षेत्र में किया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इनकी क्लोनिंग होल्स्टीन फ्रेज़ियन नस्ल की अत्यधिक दूध देने वाली गायों के क्लोन से किए गए हैं, जो नीदरलैंड में उत्पन्न हुई थी। नई गायें प्रति वर्ष 18 टन दूध या अपने पूरे जीवनकाल में 100 टन दूध का उत्पादन करने में सक्षम हैं। अमेरिकी कृषि विभाग के अनुसार, 2021 में संयुक्त राज्य अमेरिका में एक गाय के औसत दूध की मात्रा से लगभग 1.7 गुना ज्यादा है।

निंग्ज़िया के वुलिन शहर के एक अधिकारी ने सरकार द्वारा संचालित मीडिया टेक्नोलॉजी डेली को बताया कि क्लोन किए गए बछड़ों में से पहला 30 दिसंबर को सिजेरियन सेक्शन द्वारा पैदा हुआ था, जो 56.7 किलोग्राम (120 पाउंड) के अपेक्षाकृत बड़े आकार का था।

टेक्नोलॉजी डेली के अनुसार, चीनी वैज्ञानिकों ने अत्यधिक दूध उत्पादन करने वाली गायों के कान की कोशिकाओं से 120 क्लोन भ्रूण बनाए और उन्हें सरोगेट गायों में स्थापित कर दिया।

सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स ने इस परियोजना के प्रमुख वैज्ञानिक जिन यापिंग के हवाले से "सुपर गायों" के जन्म को एक बड़ी "सफलता" करार दिया है और कहा है कि यह चीन की आर्थिक तरक्की में व्यवहारिक तौर पर बड़ा कदम है। इससे अच्छी गायों की नस्लों को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। 

उन्होंने कहा कि चीन की 10 हजार गायों में से सिर्फ पांच गाय ही 100 टान दूध का उत्पादन कर सकती है। उन्होंने कहा कि चीन की 70 फीसदी गायें बाहरी देशों से आयात की गई हैं। अब चीन दो से तीन साल में 1000 सुपर गाय की क्लानिंग करने की योजना पर काम कर रहा है।