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बस कुछ दिन बाकी, फिर कमाल करेगा यह चंद्रयान, जानिए कैसे है बाकियों से अलग

चांग ई-6 चंद्रयान ने चंद्रमा से पृथ्वी की ओर लौटने की अपनी यात्रा का 70 प्रतिशत हिस्सा पूरा कर चुका है। यह चंद्रयान चंद्रमा के सुदूरवर्ती भाग से एकत्रित नमूनों को लेकर धरती की ओर बढ़ रहा है।

बस कुछ दिन बाकी, फिर कमाल करेगा यह चंद्रयान, जानिए कैसे है बाकियों से अलग
Himanshu Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSun, 23 Jun 2024 11:50 PM
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चीन के चांग ई-6 चंद्रयान ने चंद्रमा से पृथ्वी की ओर लौटने की अपनी यात्रा का 70 प्रतिशत हिस्सा पूरा कर चुका है। इतना ही चीन का यह चंद्रयान चंद्रमा के सुदूरवर्ती भाग से एकत्रित नमूनों को लेकर धरती की ओर बढ़ रहा है। चांग ई-6 यान को 3 मई को दक्षिणी चीन के हैनान प्रांत से प्रक्षेपित किया गया था, जिसका लक्ष्य चंद्रमा की सतह से पत्थर और मिट्टी के नमूनों को धरती पर लाना था। खास बात है कि मानव चंद्र अन्वेषण के इतिहास में अपनी तरह का यह पहला प्रयास है।

लैंडर-आरोहण संयोजन 2 जून को दक्षिणी ध्रुव-ऐटकेन बेसिन में सफलतापूर्वक उतरा दो दिनों में नमूना संग्रह कार्य पूरा कर लिया। इसके बाद 4 जून को आरोहण यान सैंपल लेकर चंद्र सतह से उड़ान भरा। चीन के राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन (सीएनएसए) के अनुसार, 6 जून को आरोही यान सफलतापूर्वक ऑर्बिटर-रिटर्नर संयोजन से जुड़ गया और चंद्रमा की कक्षा में स्थापित हो गया। डॉकिंग प्रक्रिया के तुरंत बाद, चंद्र नमूनों को ले जाने वाले कंटेनर को आरोही यान से सुरक्षित रूप से रिटर्नर में ट्रांसफर कर दिया गया।

25 जून तक करेगा लैंड
इसकी अगली कड़ी चंद्रमा की कक्षा से पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश करना है। इस दौरान पांच दिन की यात्रा के बाद, चंद्रयान पृथ्वी से लगभग 5,000 किलोमीटर ऊपर ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा। इसके बाद यह वायुमंडल में तेजी से नीचे उतरना शुरू करेगा और अंततः 25 जून के आसपास आंतरिक मंगोलिया के सिजिवांग बैनर में नियोजित लैंडिंग स्थल पर उतरेगा।

शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने अंतरिक्ष एजेंसी के हवाले से बताया कि अंतरिक्षयान ने योजना के तहत यान के ‘एसेंडर’ के अंदर रखे एक कंटेनर में नमूने एकत्रित किए। इस कंटेनर को एक ‘री-एंट्री कैप्सूल’ में रखा गया है जो 25 जून के आसपास चीन के आंतरिक मंगोलिया क्षेत्र के रेगिस्तान में पृथ्वी पर उतरेगा। मानव चंद्र अन्वेषण के इतिहास में अपनी तरह का यह पहला प्रयास है।

सीएनएसए ने कहा कि लॉन्ग मार्च-5 वाई8 रॉकेट, चांग ई-6 को ले जाएगा। चांग ई-6 अंतरिक्ष यान में एक ऑर्बिटर, एक लैंडर, एक आरोही और एक रिटर्नर शामिल है। यान अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से विकसित चार पेलोड ले जाएगा। फ्रांस, इटली और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के वैज्ञानिक उपकरण चांग ई-6 लैंडर पर हैं, जबकि पाकिस्तान का एक छोटा उपग्रह ऑर्बिटर पर है।

सीएनएसए द्वारा 12 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लगभग 50 मेहमानों को चांग ई-6 द्वारा ले जाए गए अंतरराष्ट्रीय पेलोड पर केंद्रित एक कार्यशाला में भाग लेने और हैनान में लॉन्च का गवाह बनने के लिए आमंत्रित किया गया है। अपोलो बेसिन के रूप में जाना जाने वाला एक प्रभाव क्रेटर, जो चंद्रमा के दूर की ओर दक्षिणी ध्रुव-एटकेन बेसिन के भीतर स्थित है, को चांग ई-6 मिशन के लिए प्राथमिक लक्ष्य लैंडिंग और नमूना स्थल के रूप में चुना गया है।

चंद्रयान-3 की ही तरह की सॉफ्ट लैंडिंग
चीन के चंद्रयान ने चंद्रमा पर पहुंचने के बाद सॉफ्ट लैंडिंग की। लैंडिंग के 48 घंटों के भीतर, चंद्रमा की सतह से चट्टानों और मिट्टी को निकालने के लिए एक रोबोटिक हाथ बढ़ाया गया, जबकि जमीन में छेद करने के लिए एक ड्रिल का उपयोग किया गया। वैज्ञानिक ढंग से पता लगाने का काम साथ-साथ किया गया। नमूनों को एक कंटेनर में सील करने के बाद, आरोही चंद्रमा से उड़ान भरी और चंद्र कक्षा में ऑर्बिटर के साथ डॉक किया गया।