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हमास को खुश करना चाहता है कनाडा? इजरायलियों पर भी प्रतिबंध लगाने की तैयारी में ट्रूडो सरकार

बता दें कि इससे पहले कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने शुक्रवार को कहा था कि कनाडा वेस्ट बैंक में अवैध बस्तियों में रहने वाले कुछ इजरायलियों पर प्रतिबंधों लगाने पर विचार कर रहा है।

हमास को खुश करना चाहता है कनाडा? इजरायलियों पर भी प्रतिबंध लगाने की तैयारी में ट्रूडो सरकार
Amit Kumarएएनआई,ओटावाMon, 05 Feb 2024 10:34 AM
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कनाडा की जस्टिन ट्रूडो सरकार इजरालियों पर भी प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। हमास और इजरायल में जारी जंग के बीच कनाडा ये कदम उठा सकता है। एक दिन पहले कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कहा कि कनाडा फिलिस्तीनी क्षेत्रों पर "कब्जा करने वाले" इजरायलियों पर प्रतिबंध लगाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि कनाडा हमास के नेताओं पर भी प्रतिबंध लगाएगा। 

कनाडाई मंत्री के इस बयान से प्रतीत होता है कि ट्रूडो सरकार हमास को खुश करने की कोशिश कर रही है। कनाडा स्थित सीबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, जोली ने कहा कि सरकार इस फैसले पर "तेजी से काम कर रही है।" उनका ये बयान यूक्रेन के दौरान आया है। इस दौरान उन्होंने यूक्रेनी अधिकारियों के साथ बैठकें कीं और चल रहे युद्ध से प्रभावित स्थलों का दौरा किया।

कनाडाई विदेश मंत्री जोली ने कहा, "हम इजरायल के उन चरमपंथियों पर प्रतिबंध लगाएंगे जो अवैध तरीके से फिलिस्तीन में बसे हुए हैं। इसके अलावा हम हमास के नेताओं पर भी नए प्रतिबंध लाएंगे।" उन्होंने कहा, "मैं यह सुनिश्चित कर रही हूं कि जब तक मैं यूक्रेन में हूं, तब तक काम पूरा हो जाए। प्रतिबंध को लेकर सारा काम कनाडा में किया जा रहा है और मैं जल्द ही इसकी घोषणाएं करूंगीं।'' 

बता दें कि इससे पहले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने शुक्रवार को कहा था कि कनाडा वेस्ट बैंक में अवैध बस्तियों में रहने वाले कुछ इजरायलियों पर प्रतिबंधों लगाने पर विचार कर रहा है। एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, ट्रूडो ने कहा, "वेस्ट बैंक में बसने वालों की हिंसा बिल्कुल अस्वीकार्य है। यह क्षेत्र में शांति और स्थिरता को खतरे में डालता है। इसके अलावा, ये लोग बेहद जरूरी दो-राज्य समाधान की दिशा में भी बाधा डालते हैं।" 

वहीं विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कहा कि कनाडा इस लड़ाई को खत्म करने का रास्ता खोजने और लंबे समय के लिए समाधान तलाशने की दिशा में काम करने के लिए पूरी तरह से समर्पित है। उन्होंने हमास से हथियार डालने की भी अपील की। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, "सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि हमें बंधकों की रिहाई के लिए समझौते पर पहुंचना चाहिए। बंधकों को वापस लाने और रिहा करने की जरूरत है। हमें गाजा में अधिक मानवीय सहायता भेजने की जरूरत है। हमें यह भी सुनिश्चित कराना चाहिए कि हमास अपने हथियार डाल दे।"

मेलानी जोली ने कहा कि शांति को संभव बनाने के लिए दोनों पक्षों को अपने दृष्टिकोण में बदलाव करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "हमें एक बेहतर फिलिस्तीनी प्राधिकरण की जरूरत है। साथ ही इजरायल में भी एक ऐसी सरकार होनी चाहिए जो दो-राज्य समाधान को हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण काम करे।" 

कनाडा का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने पिछले हफ्ते हिंसा वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों और इजरायली शांति कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा भड़काने को लेकर चार लोगों के खिलाफ प्रतिबंधों के दूसरे दौर की घोषणा की थी। हालांकि अमेरिका ने हमास के नेताओं पर ही प्रतिबंध लगाए हैं। लेकिन कनाडा इजरायलियों पर भी प्रतिबंध लगाने की बात कह रहा है। 

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में जस्टिन ट्रूडो की लिब्रल सरकार ने इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन किया था। इसके खिलाफ कनाडाई सरकार के सांसदों ने कड़ा रुख अपनाया था। अपनी ही सरकार को आड़े हाथों हाथों लेते हुए सांसद मार्को मेंडिसिनो ने कहा था कि वे संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के आह्वान का समर्थन नहीं करते हैं। एक और सांसद मॉन्ट्रियल के एंथनी हाउसफादर ने भी इसी तरह वोट पर अपनी नाराजगी दर्ज कराई थी। उन्होंने लिखा, "हमास, एक आतंकवादी संगठन है। हमास ही युद्ध शुरू करने के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है।"

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