ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर विदेशी मीडिया में हलचल
नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ब्रिक्स के 18वें शिखर सम्मलेन की मेजबानी कर रहा है।

नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ब्रिक्स के 18वें शिखर सम्मलेन की मेजबानी कर रहा है। इस आयोजन की दुनियाभर में चर्चा बनी हुई है। इस आयोजन पर अमेरिकी, पाकिस्तानी और चीनी मीडिया ने अहम प्रतिक्रिया दी है।
समिट का महत्व
एपी : अमेरिकी न्यूज एजेंसी एपी ने अपनी रिपोर्ट में दिल्ली में आयोजित शिखर सम्मेलन को ऐसा मंच करार दिया है, जिसमें दुनिया के 11 देश वैश्विक तनाव और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशिक्यान समेत कई बड़े नेता दिल्ली पहुंचे हैं। इसके अलावा एपी ने भारत, चीन, रूस के रिश्तों के साथ अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के साथ साझेदारी की भूमिका पर बात की है।
पाकिस्तानी मीडिया की प्रतिक्रिया
डॉन : पाकिस्तान की मीडिया की भी ब्रिक्स पर नजर है। पाकिस्तान के अखबार 'डॉन' ने ब्रिक्स की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया है। साथ ही वैश्विक हालात पर चर्चा की है। अखबार ने माना है कि भारत इस सम्मेलन के जरिए ब्रिक्स की वैश्विक भूमिका को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा अखबार ने अपनी एक अलग खबर में पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग की मुलाकात पर जोर दिया है।
चीन की प्रतिक्रिया
ग्लोबल टाइम्स : चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने भारत और चीन के विशेषज्ञ के हवाले से इस दौरे और भारत के रुख की खुलकर तारीफ की है। जिसकी चर्चा मीडिया में भी हो रही है। ग्लोबल टाइमस ने इसे कूटनीतिक पहल बताया और कहा कि इसका असर दोनों एशियाई ताकतों के आपसी रिश्तों पर पड़ेगा।
आपातकालीन मुद्दे
अल जजीरा : भारत में हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन को अल जजीरा ने ईरान और यूक्रेन युद्ध की छाया में आयोजित बैठक बताया है। रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम एशिया और यूक्रेन के युद्ध सम्मेलन की चर्चा और एजेंडे पर हावी रह सकते हैं।


