आतंकवाद के खिलाफ साझा रुख है ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का सबसे अहम पहलू
आतंकवाद के खिलाफ साझा रुख है ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का सबसे अहम पहलू -------------------------------ब्रिक्स को एक पूरक, विकास-उन्मुख समूह के रूप में स्थापित करने पर होगा...

आतंकवाद के खिलाफ साझा रुख है ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का सबसे अहम पहलू-------------------------------ब्रिक्स को एक पूरक, विकास-उन्मुख समूह के रूप में स्थापित करने पर होगा जोर
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नईदिल्ली। विशेष संवाददाता
भारत की अध्यक्षता में नईदिल्ली में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का सबसे अहम पहलू ब्रिक्स देशों का आतंकवाद के खिलाफ साझा रुख है। सम्मेलन में ब्रिक्स द्वारा आतंकवाद की स्पष्ट निंदा और इसके सभी रूपों और तरीकों से निपटने की प्रतिबद्धता जताई जाएगी। इसके साथ ही ब्रिक्स को एक पूरक, विकास-उन्मुख समूह के रूप में फिर से स्थापित करने पर जोर दिया जाएगा।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए तैयारियाँ
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन -2026 के लिए बीते पूरे साल ब्रिक्स देशों की मज़बूत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 400 से ज़्यादा बैठकें की गई। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों में जुड़ाव को शामिल किया गया। इसके जरिए भारत की लोगों को एक साथ लाने और आम सहमति बनाने की मज़बूत क्षमता का प्रदर्शन किया गया। सम्मेलन को व्यावहारिक व विकास-उन्मुख बनाने के लिए चार प्राथमिकता वाले स्तंभों - लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता - में सहयोग पर खासा काम किया गया। इससे 50 से ज़्यादा ठोस परिणाम हासिल किए गए, जिनमें सहमत फ्रेमवर्क, कार्य योजनाएं, दिशानिर्देश, सिद्धांत, मंच और नेटवर्क शामिल हैं।
मानवता सर्वोपरि
भारत की अध्यक्षता में हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन की मुख्य थीम मानवता सर्वोपरि की भावना से प्रेरित जन-केंद्रित दृष्टिकोण, जिसके परिणामों से ब्रिक्स देशों के लोगों - जिनमें महिलाएं, किसान और उद्यमी को मदद मिले रखा गया है। इसमें वैश्विक शासन संस्थानों में सुधार और मज़बूत बहुपक्षवाद के लिए ब्रिक्स की आम सहमति तैयार की जाएगी और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की दावेदारी का भी समर्थन किया जाएगा। सम्मेलन में उभरती वैश्विक व्यवस्था में ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं, दृष्टिकोणों और आकांक्षाओं को उचित रूप से शामिल करने में भारत की भूमिका को रेखांकित किया जाएगा। इसमें बताया जाएगा कि भारत ग्लोबल साउथ के साथ विकास का अनुभव साझा करने के लिए तैयार है। साझा प्रगति और सहयोग में योगदान के रूप में भारत की समृद्ध विरासत और संस्कृति, जन-केंद्रित नवाचारों, विकास के अनुभव और घरेलूभारत समाधानों को उजागर किया जाएगा।
भारत का सहयोग
पूरे सम्मेलन में भारत सभी सहयोगी देशों के लिए एक सेतु निर्माता के रूप में सामने आया है। उसके प्रयासों से ब्रिक्स को बातचीत, समझ और रचनात्मक सहयोग के मंच के रूप में स्थापित करने जैसा अहम काम किया गया है। यह मंत्रियों/एजेंसी प्रमुखों की बैठकों के आम सहमति दस्तावेजों में साफ दिखाई दिया। सम्मेलन की सफलता में पूरे देश का प्रयास रहा है। इसके तहत केंद्र सरकार, राज्यों, संस्थानों, उद्योग, शिक्षा जगत, युवाओं, नागरिक समाज और समुदायों को एक साझा प्रयास में एक साथ लाना प्रमुख रहा और 30 से ज़्यादा शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
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