जलवायु खतरों से निपटने के लिए एकजुट हो ब्रिक्स : यादव
जलवायु खतरों से निपटने के लिए एकजुट हो ब्रिक्स : यादवनई दिल्ली विशेष संवाददाता पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने जलवायु खतरों से निपटने एवं पर्यावरण की सुरक्षा के लिए ब्रिक्स...

जलवायु खतरों से निपटने के लिए एकजुट हो ब्रिक्स : यादव नई दिल्ली विशेष संवाददाता
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने जलवायु खतरों से निपटने एवं पर्यावरण की सुरक्षा के लिए ब्रिक्स देशों से परस्पर सहयोग का आह्वान किया है।
जलवायु चुनौतियाँ
यहां मंगलवार को ब्रिक्स देशों के पर्यावरण मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए यादव ने जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता का नुकसान, प्रदूषण और आपदा के जोखिमों जैसी बढ़ती वैश्विक पर्यावरण चुनौतियों पर ज़ोर दिया, खासकर विकासशील देशों के लिए जहाँ पर्यावरण की कमज़ोरी अक्सर बड़ी विकास प्राथमिकताओं से जुड़ी होती है। उन्होंने जंगल की आग की रोकथाम, तैयारी, जल्दी चेतावनी, प्रतिक्रिया और आग के बाद रिकवरी पर ब्रिक्स के मज़बूत सहयोग का आह्वान किया। साथ ही जलवायु वित्त, अनुकूलन और स्थानीय समुदायों को मज़बूत बनाने के महत्व पर भी ज़ोर दिया।
भारत का दृष्टिकोण
इस दौरान भारत के नज़रिए पर ज़ोर देते हुए यादव ने कहा कि इकोलॉजिकल रेस्टोरेशन और ह्यूमन डेवलपमेंट एक साथ आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने मिशन लाइफ और एक पेड़ माँ के नाम को इकोलॉजिकल रेस्टोरेशन, जन भागीदारी और कम्युनिटी ओनरशिप को मिलाने के उदाहरण के तौर पर बताया। उन्होंने पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान को एक साथ लाने की भी अपील की ताकि मजबूत समाधान निकले।
ब्रिक्स की प्राथमिकताएँ
उन्होंने भारत की ब्रिक्स चेयरशिप की चार प्राथमिकताओं का भी उल्लेख किया जिनमें सतत जीवनशैली को बढ़ावा देना, जंगल की आग से निपटने का प्रबंधन, सर्कुलर इकोनोमी और जलवायु अनुकूलन शामिल है।
उन्होंने कहा कि एक साथ ये चार प्रथमिकताएं एक आसान लेकिन मज़बूत सोच को दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा का कार्य नागरिक केंद्रीत होने चाहिए। ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक संयुक्त मंत्रिस्तरीय वक्तव्य (जेएमएस) को सर्वसम्मति से अपनाने और चार ज्ञान संग्रहों के शुभारंभ के साथ संपन्न हुई। इसके अलावा चार आउटकम दस्तावेज भी शामिल हैं।
आउटकम दस्तावेज़
इनमें सतत जीवनशैली में नॉलेज शेयरिंग, रिसर्च और इनोवेशन को आगे बढ़ाने के लिए ब्रिक्स इंस्टीट्यूशन्स का नेटवर्क बनाने पर सहमति। मरुस्थलीकरण से निपटने, सस्टेनेबल लैंड मैनेजमेंट और इकोसिस्टम रेजिलिएंस के लिए इंटीग्रेटेड लैंडस्केप मैनेजमेंट बनेगा। जंगल की आग निपटने की साझा रणनीति, जलवायु खतरों से निपटने में पारंपरिक ज्ञान का समावेश आदि शामिल है।


