ब्रिक्स से बदलेगी विश्व अर्थव्यवस्था की दिशा
हिन्दुस्तान, बरेली
बरेली में एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की प्रो. अनीता त्यागी ने चर्चा की कि ब्रिक्स केवल देशों का समूह नहीं, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण मंच है जो उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग, नवाचार और समावेशी विकास को बढ़ावा देता है। उन्होंने भारत की भूमिका को भी सराहा।

बरेली। ब्रिक्स केवल देशों का समूह नहीं, बल्कि बदलती विश्व आर्थिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण संकेत है। व्यापारिक तनाव, आपूर्ति शृंखला की चुनौतियों और असमान विकास के दौर में ब्रिक्स उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग, निवेश, नवाचार और समावेशी विकास का सशक्त मंच बन रहा है। यह बात एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के मानविकी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. अनीता त्यागी ने कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकासशील देशों की आकांक्षाओं, तकनीकी नवाचार और आर्थिक सहयोग को वैश्विक मंचों पर प्रमुखता दी है। ब्रिक्स में भारत की सक्रिय भूमिका देश की बढ़ती आर्थिक और कूटनीतिक शक्ति को दर्शाती है।
व्यापार, तकनीक, वित्त और सतत विकास में सहयोग बढ़ने से विकासशील देशों की आवाज और प्रभावशाली होगी।


