कच्चा तेल फिर 100 डॉलर के पार
वैश्विक मानक ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है, जोकि लाल सागर क्षेत्र में तनाव बढ़ने के कारण हुआ है। इस बढ़ोतरी से अमेरिकी शेयर बाजार पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट जारी है, जो लगातार चौथे दिन रिकॉर्ड की गई है।

नई दिल्ली, एजेंसी। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक मानक ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई। विश्लेषकों का कहना है कि लाल सागर इलाके में तनाव बढ़ने से वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति में नई रुकावटों का डर पैदा हो गया है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 7.15 प्रतिशत बढ़कर 100.78 डॉलर प्रति बैरल हो गई । यह दो महीने में पहली बार है जब सबसे अधिक कारोबार वाले वायदा अनुबंध ने इस स्तर को छुआ है। कीमतों में यह तेजी लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकर पर हुए हमलों के बाद आई। कुछ सप्ताह पहले ही ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत घटकर 72 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई थी। वहीं, वैश्विक स्तर पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चे तेल का दाम छह फीसदी से अधिक उछलकर 92 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गए। कच्चे तेल की इस तेजी का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर दिखा। गुरुवार को अमेरिकी सूचकांक डाउ जोंस 500 अंक लुढ़क गया।
शेयर बाजार में गिरावट
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शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट आई
कच्चे तेल का घरेलू बाजार पर प्रभाव
कच्चे तेल में उछाल का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी दिखा और यह इसमें लगातार चौथे दिन गिरावट आई। सेंसेक्स 363.66 अंक टूटकर 76,391.39 अंक पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 126.65 अंक टूटकर 23,869.60 अंक पर बंद हुआ। कुल मिलाकर चार दिन में बीएसई सेंसेक्स 1,760.06 अंक और एनएसई निफ्टी 464.7 अंक के नुकसान में रहे हैं।
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