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इमरान खान ने कही PoK में जनमत संग्रह कराने की बात, बिलावल भुट्टो बोले- कश्मीर पर हमेशा गलत बात बोलते हैं PM

एएनआई,इस्लामाबाद।Published By: Himanshu Jha
Sun, 25 Jul 2021 09:43 AM
इमरान खान ने कही PoK में जनमत संग्रह कराने की बात, बिलावल भुट्टो बोले- कश्मीर पर हमेशा गलत बात बोलते हैं PM

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जनमत संग्रह कराने के प्रधानमंत्री इमरान खान के प्रस्ताव को शनिवार को खारिज कर दिया। पीएम इमरान ने जनमत संग्रह के पीछे तर्क दिया था कि इससे यह तय किया जा सकता है कि निवासी पाकिस्तान के साथ रहना चाहते हैं या एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में।

जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पीपीपी अध्यक्ष ने कराची में मीडिया से बात करते हुए कहा कि पीएम इमरान खान हमेशा कश्मीर के बारे में गलत बात बोलते रहते हैं। बिलावल ने कहा, "वह कश्मीर के लोगों को मूर्ख और देशद्रोही मानते हैं। शुरू से ही पीपीपी ने हमेशा कहा है कि कश्मीरी लोगों को अपनी किस्मत खुद तय करनी चाहिए।"

उनकी टिप्पणी नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता शाहबाज शरीफ द्वारा कश्मीरियों को स्वतंत्रता का विकल्प चुनने का अधिकार देने वाले प्रधानमंत्री के बयान को खारिज करने के कुछ घंटों बाद आई है। शाहबाज ने कहा, "पूरा देश जम्मू-कश्मीर विवाद और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों पर पाकिस्तान की ऐतिहासिक स्थिति के अलावा किसी और चीज को खारिज करता है।"

उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर विवाद का फैसला संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में हुए पारदर्शी और स्वतंत्र जनमत संग्रह के अनुसार होगा। पाकिस्तान और कश्मीर के लोग भी यही सोच रखते हैं।" 

तरार में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, इमरान खान ने पीओके के लोगों से वादा किया था कि उनकी सरकार एक जनमत संग्रह करेगी जिसमें वे पाकिस्तान में शामिल होने या एक स्वतंत्र राज्य बनने का विकल्प चुन सकते हैं। प्रधानमंत्री इमरान ने कहा था, "अब मैं जो स्पष्ट करना चाहता हूं वह यह है कि 1948 में, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के दो प्रस्ताव थे जो कश्मीर के लोगों को अपना भविष्य तय करने का अधिकार देते थे। संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुसार, लोगों को यह तय करना होगा कि वे हिंदुस्तान में शामिल होना चाहते हैं या पाकिस्तान में।”

जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा अनिवार्य जनमत संग्रह के बाद भी, उनकी सरकार एक और जनमत संग्रह कराएगी, जहां पीओके के लोगों को या तो पाकिस्तान के साथ रहने या एक स्वतंत्र राज्य बनने का विकल्प दिया जाएगा।

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