मोजाम्बिक और अफ्रीकी देशों को भेजे जाएंगे बरेका निर्मित 10 इंजन

हिन्दुस्तान, वाराणसी
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वाराणसी। बरेका निर्मित डीजल लोको मोजाम्बिक और अफ्रीकी देशों को भेजे जाएंगे। इस वित्तीय वर्ष में इन देशों से 3300 हॉर्सपॉवर के 5 इंजनों का ऑर्डर मिला है। अब तक 182 इंजन 11 देशों को निर्यात किए जा चुके हैं। बरेका अब तक 2500 से ज्यादा लोको का निर्माण कर चुका है।

मोजाम्बिक और अफ्रीकी देशों को भेजे जाएंगे बरेका निर्मित 10 इंजन

वाराणसी। बरेका निर्मित डीजल लोको मोजाम्बिक और अफ्रीकी देशों को भेजे जाएंगे। इस वित्तीय वर्ष में इन देशों से 3300 हॉर्सपॉवर केप गेज 5-5 इंजनों का ऑर्डर मिला है। लोको निर्माण की प्रक्रिया प्रगति पर है। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) भारत की तकनीकी क्षमता को वैश्विक स्तर पर निरंतर सुदृढ़ कर रहा है। अब तक 182 इंजन 11 देशों को निर्यात किए जा चुके हैं। यहां निर्मित इंजन पूरे एशिया और अफ्रीकी देशों श्रीलंका, सूडान, म्यांमार, तंजानिया, सेनेगल, माली, मलेशिया, वियतनाम, अंगोला, मोजाम्बिक और बांग्लादेश में सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। वर्तमान में आईसीवीएल (इंटरनेशनल कोल वेंचर्स लिमिटेड), मोजाम्बिक को पांच और अफ्रीकी देशों के लिए पांच इंजन के ऑर्डर मिले हैं। मोजाम्बिक और अफ्रीकी देशों को निर्यात किए जाने वाले सभी इंजन 3300 हॉर्सपॉवर केप गेज तकनीक पर आधारित हैं। बता दें कि केप गेज रेल लाइनों की चौड़ाई 1.067 मीटर होती है। इन सभी इंजनों को चरणबद्ध तनीके से आपूर्ति किए जाने की योजना है。

विदेश भेजे जाने वाले लोको की खासियत

आईसीवीएल, मोजाम्बिक भेजे जाने वाले लोको हाई हॉर्स पावर (एचएचपी) टू-स्ट्रोक हैं। यह अमेरिका के जनरल मोटर्स की टेक्नोलॉजी है। इन इंजनों से डीजल और ल्यूब ऑयल की बचत होती है। गति अपेक्षाकृत तेज होती है। यह लोको पर्यावरण अनुकूल भी हैं। इस तकनीक से बरेका अब तक 2500 से ज्यादा लोको का निर्माण कर चुका है। वहीं, अफ्रीकी देशों को भेजे जाने वाले एल्को कन्वर्जन लोको हैं। ये इंजन पहले की फोर-स्ट्रोक तकनीक पर आधारित हैं। सभी इंजनों की क्षमता 3300 हॉर्सपॉवर है।

इस वित्तीय वर्ष में 460 लोको निर्माण का लक्ष्य

बीएलडब्ल्यू ने इस वित्तीय वर्ष में 6000 अश्व शक्ति क्षमता के 460 विद्युत लोको निर्माण का लक्ष्य रखा है। इनमें आधुनिक टेक्नोलॉजी के पुश-पुल अमृत भारत के 166 इंजेन भी बनाए जाने हैं। इसके अलावा यहां निर्मित 4500 एचपी का एक डीज़ल रेल इंजन डब्ल्यूडीजी-4 अगले महीने तक ओबरा थर्मल पॉवर प्लांट भेजने का लक्ष्य भी है।

सामान्य प्रश्न

बरेका से कितने इंजन अब तक निर्यात किए जा चुके हैं?
अब तक 182 इंजन 11 देशों को निर्यात किए जा चुके हैं।
Hindustan | Bureau

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