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23 अक्तूबर, 2020|10:18|IST

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एक और कर्जदार देश पर चीन की दादागिरी से भड़क उठा ब्रिटेन, ड्रैगन के खिलाफ खोला मोर्चा, जानिए क्या है पूरा मामला

xi-jinping boris johnson

कर्ज का बोझ लादकर गरीब देशों को फंसाने की चीन की साजिश अब जगजाहिर हो गई है। ड्रैगन ने कैरेबियाई देश बारबाडोस को भी पहले अपने कर्जजाल में फंसाया और अब अपनी दादागिरी दिखाकर मनमर्जी के मुताबिक चलाना चाहता है। गरीब और छोटे आइलैंड को चीन के चंगुल में फंसते देख ब्रिटेन ने बीजिंग के विस्तारवाद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कूटनीतिज्ञों को चीन के विस्तारवाद के खिलाफ अभियान छेड़ने को कहा है।

चीन ने बारबाडोस पर दबाव बढ़ा दिया है कि ब्रिटेन की रानी को देश के संवैधानिक प्रमुख की मानद उपाधि से हटा दिया जाए। यह देश चीन के बेल्ड एंड रोड पहल में शामिल है, जिसके तहत चीन ने गरीब देशों को बंदरगाह और हाई स्पीड रेल लाइन्स जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट के लिए बड़ी मात्रा में लोन दिया है। काम पूरा होने के बाद जब ये देश लोन वापस नहीं चुका पाते हैं तो चीन इन प्रॉजेक्ट्स पर कब्जा कर लेता है और शर्तों को मानने को मजबूर करता है। श्रीलंका और मालदीव जैसे एशियाई देशों में पहले ही यह दिख चुका है। बोरिस जॉनसन ने आशंका जाहिर की है कि कोविड-19 महामारी के दौर में आर्थिक मंदी की वजह से चीन के कई कर्जदार देश इस चंगुल में फंस जाएंगे। 

1966 में ब्रिटेन से आजाद हुए बारबाडोस ने पिछले सप्ताह घोषणा की है कि 2021 में लोकतंत्र की स्थापना की जाएगी। गवर्नर जनरल डेम सांड्रा मासन ने कहा कि औपनिवेशिक काल को पूरी तरह पीछे छोड़ने का वक्त आ गया है। बारबाडोस के लोग एक बारबाडियन राज्य प्रमुख चाहते हैं। 

अमेरिका ने ब्रिटेन के साथ खुफिया रिपोर्ट साझा करते हुए बताया है कि इसके लिए किस तरह चीन बारबाडोस पर दबाव डाल रहा है। विदेश मामलों की समिति के चेयरमैन टॉम टूंगेनधत ने कहा है इस घटना से पता चलता है कि चीन किस तरह नए देशों को कर्ज नीति में फंसाकर अपने मुताबिक चलाना चाहता है। 

उन्होंने कहा, ''हमें अपने कैरेबियाई भाइयों को बताना होगा कि संवैधानिक सम्राट विशेषकर हमारी अद्वितीय महारानी अत्याचारियों से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह बारबाडोस ने घोषणा की कि करीब 400 सालों के बाद ग्रेट ब्रिटेन के सम्राटों का उन पर शासन नहीं होगा। हालांकि, ब्रिटेन का कहना है कि संवैधानिक रूप से बारबाडोस की राज्य प्रमुख क्वीन एलिजाबेथ ने 3 लाख नागरिकों पर कभी अपने अधिकारों का इस्तेमाल नहीं किया है। 

असल में चीन चाहता है कि बारबाडोस का ब्रिटेन से लिंक पूरी तरह काटकर वह अपनी पंसद के व्यक्ति को गद्दी पर बिठाए और फिर परोक्ष रूप से अपना शासन चलाए। माना जा रहा है कि कई मोर्चों पर पहले से घिरे चीन के लिए अब ब्रिटेन से भी पंगा लेना भारी पड़ सकता है। अमेरिका ने पहले ही चीन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है तो भारत के साथ भी तनातनी चरम पर है।

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  • Web Title:barbados in china debt trap uk pm Boris Johnson ordered drive against Chinese expansionism