अमेरिका-ईरान में तनाव से निर्यातकों की फिर बढ़ी टेंशन

हिन्दुस्तान, बागपत
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बागपत के निर्यातकों की मुश्किलें खत्म नहीं हो रही हैं। अमेरिका द्वारा युद्धविराम की समाप्ति की घोषणा ने निर्यातकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। दीपावली और क्रिसमस के लिए आर्डर मिलने का काम शुरू हो गया है, लेकिन युद्ध के कारण आर्डर मिलने में रुकावट आ सकती है। इससे उत्पादन और रोजगार पर असर पड़ेगा।

अमेरिका-ईरान में तनाव से निर्यातकों की फिर बढ़ी टेंशन

बागपत। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चल रही उठापटक के बीच बागपत निर्यातकों की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। अमेरिका की ओर से युद्ध विराम समाप्ति की घोषणा ने निर्यातकों की टेंशन बढ़ा दी है। ऐसे में अब फिर से युद्ध शुरू होने के आशंका चलते आर्डरों पर संकट छा सकता है। निर्यातकों को सबसे बड़ा डर इस बात का है कि दीपावली व क्रिसमस के लिए अभी से आर्डर मिलने व माल बनने का काम शुरू हो जाता है। युद्ध की वजह से आर्डर नहीं मिलने या कम मिलने की वजह से निर्यातकों के लिए फेस्टिवल सीजन पर प्रभाव पड़ सकता है। बागपत जनपद से बड़े स्तर पर कपड़े व अन्य सामानों का निर्यात विदेशों में होता है। यहां से अमेरिका, इटली, स्पेन, ईरान, आस्ट्रेलिया समेत कई देशों में निर्यात किया जाता है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों के कारण बाजार में अस्थिरता का माहौल है। दूसरी ओर अमेरिका का बॉयर नया आर्डर नहीं दे रहा है। आर्डर को होल्ड पर रखा जा रहा है। उद्यमी मुकेश गुप्ता ने बताया कि युद्धविराम के बाद बाजार में सकारात्मक माहौल बनने लगा था और कई कंपनियां नए सौदों की तैयारी कर रही थीं। अब हालात बदलने से एक बार फिर अनिश्चितता का माहौल बन गया है। पहले दुबई सेफ साइड के लिए खाड़ी देशों मे पहचाना जाता है। अब खाड़ी देश सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। अब ट्रंप की धमकी सा आर्डरों पर संकट आ सकता है.

समुंद्री और हवाई माल ढुलाई पर पड़ सकता है असर

निर्यातकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का सबसे पहला असर समुंद्री और हवाई माल ढुलाई पर पड़ता है। शिपिंग रूट प्रभावित होने, कंटेनर की उपलब्धता कम होने, बीमा प्रीमियम बढ़ने और परिवहन लागत में वृद्धि से उत्पादों की कुल लागत बढ़ जाती है। ऐसे में विदेशी खरीदार या तो ऑर्डर टाल देते हैं या उनकी मात्रा कम कर देते हैं। इसका सीधा असर उत्पादन और रोजगार पर पड़ेगा।

सामान्य प्रश्न

बागपत में निर्यातक किन देशों को सामान निर्यात करते हैं?
बागपत से अमेरिका, इटली, स्पेन, ईरान, आस्ट्रेलिया समेत कई देशों में निर्यात किया जाता है।
Nazim Azad

लेखक के बारे में

Nazim Azad

शॉर्ट बायो:
नाजिम आजाद पिछले 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान बागपत में ब्यूरो प्रभारी के पद पर काम कर रहे हैं।

परिचय एवं अनुभव
नाजिम आजाद भारतीय मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 27 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) बागपत जिले के ब्यूरो प्रभारी हैं। बागपत और शामली जनपद में 2008 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने विशेष खबरों के साथ अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए बेहतर प्रदर्शन किया है।

कॅरियर का सफर
नाजिम आजाद ने अपने कॅरियर की शुरुआत 1999 में राष्ट्रीय सहारा अखबार से की। इसके बाद शाह टाईम्स में उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2008 में हिन्दुस्तान के साथ जुड़े। स्टार न्यूज और आजतक जैसे नामचीन न्यूज चैनलों में भी अपनी सेवा दी। 2008 से वे हिन्दुस्तान में लगातार जिले के ब्यूरो प्रभारी के रुप में कार्य कर रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
एमए राजनीति शास्त्र, बीएड के साथ-साथ हिन्दी और पत्रकारिता में स्नातक होने से नाजिम को विज्ञान, हिन्दी और पत्रकारिता का विशेष संयोजन मिला। ब्यूरो प्रभारी रहते हुए एडिटिंग, न्यूज कंटेंट और पैकंजिंग के साथ-साथ टीम के नेतृत्व में पारंगत होने का मौका मिला।

उच्च शिक्षा और लक्ष्य
राजनीति और न्यूज कंटेंट आदि विषयों पर नाजिम की गहरी समझ है। राजनीति और सामाजिक मुददों से जुडी उन्होंने अनेक एक्सक्लूसिव स्टोरी ब्रेक की हैं। नाजिम का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता के साथ सटीक सूचना देने पर केंद्रित है। इसी को केंद्रित करते हुए उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।

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