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परमाणु संकट: अगर अमेरिका ने प्रतिबंध नहीं हटाए तो, परमाणु स्थलों का निरीक्षण नहीं करने देगा ईरान

ईरान और अमेरिका का तनावपूर्ण संबंधों के बीच परमाणु संकट बढ़ता जा रहा है। ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका 21 फरवरी से पहले अपने प्रतिबंध उस पर से नहीं हटाता है तो, वह संयुक्त राष्ट्र के...

परमाणु संकट:  अगर अमेरिका ने प्रतिबंध नहीं हटाए तो, परमाणु स्थलों का निरीक्षण नहीं करने देगा ईरान
Nootan Vaindelलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSun, 10 Jan 2021 07:55 AM
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ईरान और अमेरिका का तनावपूर्ण संबंधों के बीच परमाणु संकट बढ़ता जा रहा है। ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका 21 फरवरी से पहले अपने प्रतिबंध उस पर से नहीं हटाता है तो, वह संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निरक्षणों को निरीक्षण नहीं करने देगा। ईरान के एक सांसद ने शनिवार को ये जानकारी दी है। इससे पहले परमाणु मामलों पर नज़र रखने वाले संयुक्त राष्ट्र की संस्था इंटरनेशनल एटॉमिक इनर्जी एजेंसी बता चुकी है कि ईरान ईरान परमाणु संवर्धन को 20 प्रतिशत शुद्धता तक बढ़ाने जा रहा है।

ईरान की संसद ने नवंबर में एक कानून पारित किया, जिसके तहत अगर उस पर लगे प्रतिबंधों में ढील नहीं दी जाती है तो, ये कानून सरकार को अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी आईएईए को ईरान के परमाणु स्थलों के निरीक्षण को रोकने के लिए बाध्य करेगा और तेहरान के 2015 के परमाणु समझौते के तहत निर्धारित सीमा से अधिक यूरेनियम संवर्धन कर सकेगा।

ईरान की अभिभावक परिषद की निगरानी संस्था ने 2 दिसंबर को इस कानून को मंजूरी दे दी और सरकार ने कहा है कि वह इसे लागू करेगी। सांसद अहमद अमीराबादी ने कहा, "कानून के अनुसार, अगर अमेरिकी वित्तीय, बैंकिंग और तेल प्रतिबंधों को 21 फरवरी तक नहीं उठाते हैं, तो हम निश्चित रूप से देश से आईएईए निरीक्षकों को निष्कासित कर देंगे और निश्चित रूप से अतिरिक्त प्रोटोकॉल के स्वैच्छिक कार्यान्वयन को समाप्त करेंगे।"

ईरान में की गई टिप्पणियों में आईएईए के मिशन और गतिविधियों को नियंत्रित करने वाली बातों का जिक्र है। एक बयान में, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि ईरान का दायित्व था कि वह इन निरीक्षकों की अनुमति दे। पोम्पियों ने कहा "एक बार फिर ईरानी शासन अपने परमाणु कार्यक्रम का उपयोग अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को निकालने और क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए कर रहा है।" 

ईरान ने आईएईए को सूचित किया है कि हाल ही में संसद में पारित कानून का पालन करने के लिए वह फोर्डो ईंधन संवर्द्धन संयंत्र में 20 फीसदी तक यूरेनियम संवर्द्धन करना चाहता है।

ईरान ने कहा कि सोमवार को उसने एक भूमिगत परमाणु सुविधा में 20% यूरेनियम संवर्धन फिर से शुरू किया। ईरान ने 2019 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा 2018 में अमेरिका से इसे वापस लेने और अमेरिकी प्रतिबंधों को फिर से हटाने के जवाब में समझौते का उल्लंघन करना शुरू कर दिया था। ईरान को अक्सर ये कहते देखा गया है कि यदि वाशिंगटन के प्रतिबंध हटा दिए जाते हैं तो वह अपने उल्लंघनों को जल्दी ही उलट सकता है।

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