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सर्जिकल हमले की तरह करारा जवाब देती है सेना : जेटली

finance minister Arun Jaitley

वित्त और रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि भारतीय सेना पूरी तरह सक्षम है और सर्जिकल हमले की तरह करारा जवाब देती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नियंत्रण रेखा के नजदीक पाकिस्तानी फौज द्वारा भारतीय जवानों की बर्बर हत्या पर सेना उचित कार्रवाई करेगी।

जेटली ने कहा, ‘भारतीय सेना बेहद अनुशासित है और सर्जिकल स्ट्राइक की तरह वे करारा जवाब देते हैं। जवानों का शव क्षत-विक्षत करने के मामले में आम भारतीय की तरह मुझे भारतीय सेना पर पूरा विश्वास है, वे उचित कार्रवाई करेंगे। इन सबसे ऊपर उठकर हमें अपनी सेना पर विश्वास करना सीखना चाहिए।’ आम लोगों के बीच पाकिस्तानी सेना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उठ रही मांग से जुड़े सवाल पर जेटली ने कहा, ‘हमारी सेना जो भी फैसला करेगी, हमें उस पर चलना होगा। यह ऐसा मुद्दा नहीं है, जिस पर सार्वजनिक मंच से फैसला लिया जा सकता है। सेना ही फैसला करेगी।’

पाक के वित्त मंत्री के साथ बात नहीं की
जापान के योकोहामा शहर में शनिवार को एडीबी की बैठक के दौरान भारत ने पीओके से गुजरने वाले आर्थिक गलियारे को लेकर तीव्र विरोध किया। बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली और पाक के वित्त मंत्री मोहम्मद इशाक डार शामिल हुए, लेकिन दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। 
एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की सालाना बैठक में जेटली ने स्पष्ट किया कि संप्रभुता से जुड़े कुछ मुद्दे हैं और इन्हीं आपत्तियों के कारण भारत आर्थिक गलियारे और चीन की वन बेल्ट वन रोड (ओबीओआर) परियोजना का विरोध करता है। गलियारा गिलगिट-बाल्टिस्तान क्षेत्र से गुजरता है। 

जेटली और डार का आमना-सामना नहीं
जेटली मंच पर इस तरह से बैठे कि एक घंटे की पूरी परिचर्चा में डार से उनका आमना-सामना नहीं हुआ। जेटली पैनल के सदस्यों के साथ परंपरागत तस्वीर खिंचने के फौरन बाद वहां से निकल गए। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ भी नहीं मिलाया। दोनों ही मंत्रियों से भारत-पाकिस्तान के हालिया तनाव या दोनों देशों के बीच कारोबार पर कोई प्रश्न नहीं पूछा गया। 

आर्थिक गलियारे से खाड़ी देशों तक पहुंच
चीन पाक के ग्वादर बंदरगाह तक सीधी पहुंच के लिए आर्थिक गलियारे का निर्माण कर रहा है। इसके तहत पाकिस्तान में चीन 60 अरब डॉलर का निवेश कर रहा है। ग्वादर पोर्ट का संचालन भी पाक ने चीनी कंपनी को सौंप दिया है। ग्वादर पोर्ट के जरिये चीन का खाड़ी देशों के साथ व्यापार आसान हो जाएगा और उसे हिंद महासागर का पूरा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा।

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  • Web Title:Army responds as surgical attack: Jaitley