आईफोन निर्माता एप्पल दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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आईफोन निर्माता एप्पल ने एनवीडिया को पछाड़कर दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का खिताब अपने नाम कर लिया है। शुक्रवार को एप्पल का बाजार पूंजीकरण 4.88 ट्रिलियन डॉलर हो गया, जबकि एनवीडिया का 4.86 ट्रिलियन डॉलर रह गया। एप्पल की योजना निवेशकों को पसंद आ रही है, जिससे उसके शेयरों में लगभग 20 प्रतिशत का उछाल आया।

आईफोन निर्माता एप्पल दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी

नई दिल्ली, एजेंसी। आईफोन निर्माता कंपनी एप्पल ने एनवीडिया को पछाड़कर दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का खिताब अपने नाम कर लिया। शुक्रवार को कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 4.88 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया, जबकि एनवीडिया का बाजार पूंजीकरण 4.86 ट्रिलियन डॉलर रह गया। एनवीडिया के शेयरों में गिरावट की वजह से एप्पल फिर से पहले स्थान पर पहुंच गई। इससे पहले अप्रैल 2025 में एप्पल दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी थी। शुक्रवार को अमेरिका में शुरुआती कारोबार में एनवीडिया के शेयरों में लगभग चार फीसदी की गिरावट आई, क्योंकि चीन की एआई कंपनी मूनशॉट के नए किमी-के3 मॉडल के शुरू होने के बाद तकनीकी शेयरों में व्यापक बिकवाली हुई। इसने एआई ढांचे पर किए जा रहे खरबों डॉलर के खर्च में निवेशकों के विश्वास को हिला दिया। हालांकि, एप्पल के शेयर बाजार खुलने पर स्थिर रहे। इससे कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 4.88 ट्रिलियन पहुंच गया। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में एनवीडिया का बाजार मूल्य गिरकर 4.86 ट्रिलियन डॉलर हो गया। अक्टूबर में एनवीडिया दुनिया की पहली कंपनी बनी थी, जिसने पांच ट्रिलियन डॉलर के बाजार मूल्यांकन को पार किया था। पिछले कुछ दिनों से एआई और सेमीकंडक्टर से जुड़ी कंपनियों में गिरावट का असर एनवीडिया पर भी पड़ा। इस कारण कंपनी खिसककर दूसरे नंबर पर आ गई.

एप्पल की योजना निवेशकों को पसंद आ रही

अब तक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की दौड़ में एनवीडिया को सबसे बड़ा विजेता माना जा रहा था क्योंकि उसके जीपीयू चिप्स का इस्तेमाल एआई मॉडल और डेटा सेंटर बनाने में होता है, लेकिन अब निवेशकों की सोच बदल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि एप्पल को एआई से कमाई करने के लिए बड़े-बड़े डेटा सेंटर बनाने या अरबों डॉलर खर्च करने की जरूरत नहीं है। कंपनी अपने आईफोन, आईपैड, मैक और अन्य डिवाइस के साथ एआई फीचर जोड़कर ज्यादा डिवाइस sells सकती है और कमाई बढ़ा सकती है। एचएसबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बड़ी कंपनियां एआई पर अपनी बिक्री का 39 प्रतिशत तक खर्च कर रही है, जो एक चिंता पैदा करता है। वहीं, एप्पल अपने अनुमानित 2026 की बिक्री का केवल 2.5 प्रतिशत एआई डेटा सेंटर जैसे पूंजीगत व्यय पर खर्च कर रही है.

कंपनी के शेयरों में लगभग 20 प्रतिशत का उछाल

जून के अंत से एप्पल के शेयरों में लगभग 20 प्रतिशत का उछाल आया। इससे इस उम्मीद को बल मिला है कि कंपनी बढ़ती मेमोरी लागतों से निपटने और एआई क्षेत्र में खोई हुई स्थिति को पुनः प्राप्त करने में सक्षम होगी। हाल ही में कंपनी ने अपने वॉयस असिस्टेंट सिरी का नया एआई वर्जन पेश किया। इसे व्यापक रूप से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। साथ ही कंपनी ने पिछले महीने आईपैड और मैक की कीमतों में 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की.

वापसी कर सकती है एनवीडिया

एप्पल के शीर्ष पर आने का मतलब यह नहीं है कि एनवीडिया की बढ़त खत्म हो गई है। एआई ढांचा में एनवीडिया की जीपीयू चिप्स की मांग अब भी बहुत मजबूत है और दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां एआई पर भारी निवेश कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में बहुत कम अंतर है। ऐसे में अगर एनवीडिया के शेयरों में फिर तेजी आती है तो वह दोबारा सबसे मूल्यवान कंपनी बन सकती है.

प्रश्न और उत्तर

एप्पल का बाजार पूंजीकरण कितने डॉलर तक पहुंच गया?
एप्पल का बाजार पूंजीकरण लगभग 4.88 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
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