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छिपाता है, बताता नहीं...चीन में बीमारी पर अमेरिका चिंतित, सीनेटर्स की राष्ट्रपति जो बाइडेन से बड़ी मांग

अमेरिका में चीन की यात्रा पर पाबंदी लगाने की मांग उठने लगी है। यह मांग उठाई है रिपब्लिकन सीनेटरों के एक ग्रुप ने। मार्को रुबियो के नेतृत्व वाले इस ग्रुप ने राष्ट्रपति जो बाइडेन को पत्र लिखा है।

छिपाता है, बताता नहीं...चीन में बीमारी पर अमेरिका चिंतित, सीनेटर्स की राष्ट्रपति जो बाइडेन से बड़ी मांग
Deepakलाइव हिन्दुस्तान,वॉशिंगटनSat, 02 Dec 2023 08:51 PM
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अमेरिका में चीन की यात्रा पर पाबंदी लगाने की मांग उठने लगी है। यह मांग उठाई है रिपब्लिकन सीनेटरों के एक ग्रुप ने। मार्को रुबियो के नेतृत्व वाले इस ग्रुप ने राष्ट्रपति जो बाइडेन को लेटर लिखा है। इस पत्र में अमेरिकी सांसदों ने कहा है कि जब तक चीन में फैली नई बीमारी पर ठोस जानकारी नहीं मिल जाती है, तब तक वहां जाने पर बैन लगा दिया जाए। गौरतलब है कि चीन में बीते कुछ दिनों में फेफड़े की बीमारी का प्रकोप देखने में आया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी चीन से कहा है कि वह बच्चों में फैल रही इस बीमारी को लेकर ठोस जानकारी मुहैया कराए। गौरतलब है कोरोना के वक्त भी अमेरिका ने चीन पर शक जाहिर किया था।

चीन पर गंभीर आरोप
अमेरिकी राष्ट्रपति को लिखे पत्र में रिपब्लिकन सांसदों ने चीन पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। सीनेटर्स रुबियो, जेडी वांस, रिक स्कॉट, टॉमी ट्यूबरविले और माइ ब्रॉन ने यह पत्र लिखा है। इसमें लिखा है कि राष्ट्रपति महोदय, चीन में फैली फेफड़ों की बीमारी को देखते हुए चीन की यात्रा पर तत्काल पाबंदी लगनी चाहिए। आगे लिखा है कि जैसा कि आपको मालूम है कि चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी का पुराना इतिहास है कि वह लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों के बारे में जानकारी नहीं देता है। पत्र में लिखा है कि कोरोना के वक्त भी चीन ने सच नहीं बताया और ट्रांसपैरेंसी भी नहीं दिखाई। उसने कोरोना और इसकी उत्पत्ति को लेकर भी सच्चाई छिपाई।

कोरोना का हवाला
गौरतलब है कि कोरोना महामारी के दौरान डब्लूएचओ ने लगातार चीन पर सवाल उठाए थे। इस दौरान उनसे सहयोग और समन्वय की मांग की गई थी, जिसे पूरा करने में चीन नाकाम रहा था। पत्र में आगे लिखा लिखा गया है कि हमें इस बात का इंतजार नहीं करना चाहिए कि डब्लूएचओ इस पर ऐक्शन लेगा। इसमें कहा गया है कि जब तक कि यह स्पष्ट नहीं हो जाता है कि चीन की बीमारी बहुत ज्यादा घातक नहीं है, लोगों के वहां जाने पर रोक लगा देनी चाहिए। सीनेटरों ने लिखा है कि यह ट्रैवेल बैन हमारे देश को मौत, लॉकडाउन और दूसरी अन्य समस्याओं से बचा सकता है। अपने पत्र में सीनेटर्स ने कोरोना के वक्त चीन की यात्रा पर पाबंदी लगाने के लिए तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बचाव भी किया है। उधर चीन का कहना है कि उसके देश में बच्चों में फैली बीमारी आम है। साथ ही इसके पीछे किसी वायरस के होने की आशंका से भी इनकार किया है।

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