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चीन-रूस के साथ बढ़ता तनाव अमेरिका के लिए ठीक नहीं, बोले किसिंजर

अमेरिका के दिग्गज वयोवृद्ध नेता और पूर्व व‍िदेश मंत्री हेनरी किसिंजर ने इस पर अपनी राय रखी है। उनका मानना है कि चीन और रूस के साथ तनाव चरम पर होना अमेरिका के लिए ठीक नहीं है।

चीन-रूस के साथ बढ़ता तनाव अमेरिका के लिए ठीक नहीं, बोले किसिंजर
Gauravलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीMon, 15 Aug 2022 03:04 PM

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पिछले दिनों नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाढ़ चीन और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था। दोनों देश एक दूसरे को सीधे धमकी दे रहे थे। वहीं इससे पहले यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस के साथ भी अमेरिका का तनाव बढ़ा नजर आया। दुनिया भर के एक्सपर्ट्स ग्लोबल राजनीति पर नजर बनाए हुए हैं। इसी बीच अमेरिका के दिग्गज वयोवृद्ध नेता और पूर्व व‍िदेश मंत्री हेनरी किसिंजर ने इस पर अपनी राय रखी है। उनका मानना है कि चीन और रूस के साथ तनाव चरम पर होना अमेरिका के लिए ठीक नहीं है, यह युद्ध की आहट जैसा है।

दरअसल, बीती सदी में अमेरिका के बेहद प्रभावशाली नेताओं में से एक रहे पूर्व विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर ने जो बाइडेन को साफ-साफ चेतावनी दी है कि अमेरिका रूस और चीन के साथ जंग के मुहाने पर खड़ा हो सकता है। 99 साल के हेनरी किसिंजर ने यह चेतावनी ऐसे समय पर दी है जब यूक्रेन और ताइवान को लेकर अमेरिका और रूस तथा चीन के बीच रिश्‍ते बहुत तनावपूर्ण हो गए हैं।

असल में वॉल स्‍ट्रीट जनरल के साथ अपने एक साक्षात्कार में हेनरी किसिंजर ने कहा कि हम चीन और रूस के साथ जंग की कगार पर हैं जिसे आंशिक रूप से पैदा किया गया है। हेनरी किसिंजर ने कहा कि अमेरिका के नेता आज के राजनीतिक वातावरण में एक दिशा निर्धारित करने में परेशानी का सामना कर रहे हैं और मेरा मानना है कि इससे वैश्विक तनाव बढ़ रहा है।

किसिंजर ने जो बाइडेन प्रशासन से अनुरोध किया कि वे राजनयिक यथास्थिति को मजबूती के साथ बनाए रखें। किसिंजर ने कहा कि अमेरिकी नेता और वोटर आज दुश्‍मन के साथ स्थिर राजनयिक बातचीत को बनाए रखने के दौरान निजी रिश्‍तों को अलग करने में समस्‍या का सामना कर रहे हैं। उधर पेलोसी की यात्रा के 12 दिन बाद अमेरिकी सांसदों का एक और प्रतिनिधिमंडल ताइवान का दौरा कर रहा है।

जहां एक तरफ पेलोसी के दौरे पर चीन ने सख्त आपत्ति जताई थी। वहीं इसके बावजूद भी अमेरिकी सांसद ने चीन की चेतावनी का दरकिनार करते हुए ताइपे पहुंच गए हैं। पेलोसी के दौरे के जवाब में चीन ने ताइवान के समुद्र और हवाई क्षेत्र के आसपास मिसाइलें दागी थीं और युद्धपोत तथा लड़ाकू विमान भेजे थे। 

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