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फिर भड़क सकता है रूस-यूक्रेन युद्ध, G7 ज़ेलेंस्की को देगा इतनी बड़ी मदद

इटली में हुए G7 समिट में पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को बड़ी मदद देने की घोषणा की है। यूरोपीय संघ यूक्रेन को 50 बिलियन अमरीकी डॉलर की सहायता राशि देगा। इससे रूस-यूक्रेन युद्ध एक बार फिर भड़क सकता है।

फिर भड़क सकता है रूस-यूक्रेन युद्ध, G7 ज़ेलेंस्की को देगा इतनी बड़ी मदद
Jagritiलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीSun, 16 Jun 2024 11:54 AM
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लगभग 2 सालों से चल रहे यूक्रेन-रूस युद्ध में पश्चिमी देशों ने एक बार फिर यूक्रेन को बड़ी मदद देने की घोषणा की है। अमेरिका के नेतृत्व में यूरोपीय यूनियन व्लादिमीर ज़ेलेंस्की को 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर की मदद देगा। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में यूक्रेन मोर्चे पर तनाव और बढ़ जाने की आशंका है। इसकी वजह यह है कि फ्रांस और ब्रिटेन यूक्रेन को 300 किमी रेंज की स्टॉर्म शैडो मिसाइलों की आपूर्ति कर रहे हैं। वहीं अमेरिका क्रीमिया में रूसी मोर्चे को निशाना बनाने के लिए हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (HIMARS) और आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम (ATACMS) की आपूर्ति कर रहा है।

इस सप्ताह अपुलिया में G7 समिट में यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर ज़ेलेंस्की ने एक बार पश्चिमी शक्तियों को अपने पक्ष में करने में कामयाबी हासिल की। यूरोपीय संघ के 50 बिलियन अमरीकी डॉलर की सहायता राशि के अलावा यूक्रेन को अमेरिकी कांग्रेस द्वारा स्वीकृत 225 मिलियन अमरीकी डॉलर के सैन्य हार्डवेयर की मदद भी मिलेगी।

अमेरिका, यूके-फ्रांस दे रहे हैं ये धांसू हथियार

G7 के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि रूस के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका के नेतृत्व में यूरोपीय संघ ज़ेलेंस्की के साथ खड़ा है। यह देश यूक्रेन को स्टैंड-ऑफ लॉन्ग रेंज क्रूज मिसाइलों और एयर लॉन्च व्हीकल के माध्यम से रूसी क्षेत्र में आक्रामक कदम उठाने में मदद करने कर रहे हैं। यूके-फ्रांस द्वारा विकसित स्टॉर्म शैडो या SCALP मिसाइल एक हवाई लॉन्च हथियार है जो 300 से 500 किमी की दूरी पर लक्ष्य को हिट करने के लिए सटीक मार्गदर्शन देता है, जबकि HIMARS का प्रयोग रूसी एंटी एयरक्राफ्ट डिफेंस को खत्म करने के लिए किया जा सकता है।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन को पश्चिमी देशों की मदद का विरोध करते हुए कहा कि वे अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन का विरोध करने वाले देशों और दूसरे गुटों को हथियार देंगे। फिलहाल वैश्विक स्थिति अस्थिर दिख रही है। गाजा पर इजरायल का युद्ध अभी भी जारी है। पुतिन ने रूसी संप्रभुता के खतरे में आने पर परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से भी इनकार नहीं किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी समित के दौरान राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के साथ एक बैठक की, जिसमें उन्होंने यूक्रेन युद्ध और रूसी आक्रामकता के बारे में बातचीत की।