America imposes tariffs on 50 billion dollar Chinese goods Trump vows more if it strikes back - ट्रेड वारः ट्रंप ने चीनी सामान पर लगाया 50 अरब डॉलर का टैरिफ, चीन ने जताई नाराजगी DA Image

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ट्रेड वारः ट्रंप ने चीनी सामान पर लगाया 50 अरब डॉलर का टैरिफ, चीन ने जताई नाराजगी

डोनाल्ड ट्रंप(एपी फाइल फोटो)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आयातित 50 अरब डॉलर के सामान पर शुल्क लगाने को मंजूरी दे दी है। ट्रंप ने 50 अरब डॉलर के सामान पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा करते हुए कहा कि व्यापार में अत्यधिक अनुचित स्थिति को अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। 

ट्रंप के इस कदम से दुनिया की दो शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार मोर्चे पर टकराव की संभावना बढ़ गयी है। ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि चीन से आयातित उत्पादों पर 25 प्रतिशत का शुल्क लागू होगा, जिसमें औद्योगिक रूप से महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियां शामिल हैं। 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार बहुत लंबे समय से अनुचित रहा है। इस स्थिति को अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अमेरिका ने कहा कि चीन पर लगाया गया शुल्क उस बात की प्रक्रिया है जिसे वह बौद्धिक संपदा की चोरी बताता आया है। 

ट्रंप ने वाणिज्य मंत्री विल्बर रॉस, वित्त मंत्री स्टीवन न्यूचिन और व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइजर के साथ कल 90 मिनट की बैठक के बाद इसे मंजूरी दी। ट्रंप के कदम के जवाब में चीन ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। चीन ने कहा कि वह जल्दी ही जवाबी कदम उठाएगा। 

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने बीजिंग में नियमित प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि यदि अमेरिका एकपक्षीय संरक्षणवादी कदम उठाता है और चीन के हितों को नुकसान पहुंचाता है तो हम तत्काल प्रतिक्रिया देंगे और अपने वैधानिक अधिकारों एवं हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। 

चीन ने पहले कहा था कि यदि अमेरिका ने 50 अरब डॉलर के सामान पर शुल्क लगाया तो वह भी 50 अरब डॉलर के अमेरिकी उत्पादों जैसे कार, विमान एवं सोयाबीन पर शुल्क लगाएगा। ट्रंप ने सबसे पहले मार्च में कहा था कि अमेरिका चीन के 50 अरब डॉलर के उत्पादों पर शुल्क लगाएगा। चीन द्वारा जवाबी कार्रवाई की चेतावनी के बाद ट्रंप ने चीन के 100 अरब डॉलर के अतिरिक्त उत्पादों पर शुल्क लगाने की बात की थी। 

बाद में मई के मध्य में दोनों देशों ने इसके बारे में बातचीत शुरू की थी। हालांकि महज 10 ही दिन बाद अमेरिका ने कहा था कि वह शुल्क के साथ आगे बढ़ेगा। इस निर्णय के बाद सांसद रोजा डीलॉरो ने कहा कि इस शुल्क को अमेरिका द्वारा चीन जैसे गैरजिम्मेदार देशों को जवाबदेह बनाने तथा चीन की सरकार को व्यापार का अधिक अनुकूल संतुलन तय करने को बातचीत की मेज तक लाने के समाधान की तरह देखा जाना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि हम हालिया अफरातफरी को जारी रहने की अनुमति देकर दुनिया में अपनी स्थिति को अधिक नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते। यही कारण है कि मैं राष्ट्रपति ट्रंप से ऐसी विस्तृत नीति के साथ अमेरिकी रोजगार के लिए लड़ने की अपील कर रही हूं जो अमेरिका के आर्थिक हितों को सामने और केंद्र में रखे। 

इस बीच वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि अमेरिका का निर्णय जवाबी कदम के जैसे-को-तैसा प्रतिक्रिया की श्रृंखला की शुरुआत कर सकता है। चीन के एक अधिकारी ने भी कहा था कि यदि अमेरिका चीन पर शुल्क लगाता है तो चीन भी तत्काल अमेरिका पर शुल्क लगाएगा। 

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