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कर्नाटक हाई कोर्ट को सौंपा था अदायगी का प्रस्ताव : विजय माल्या

Vijay Mallya speaks to members of the media as he arrives to appear at Westminster Magistrates Court

भगोड़ा घोषित किए जा चुके कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार को कहा कि उसने अपनी तमाम देनदारियां चुकाने के संदर्भ में कर्नाटक हाई कोर्ट के समक्ष एक ‘व्यापक अदायगी’ प्रस्ताव पेश किया था। माल्या भारत में करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में धनशोधन के आरोपों का सामना कर रहा है।  

ब्रिटेन में सुनवाई :
माल्या ने ये बातें ऐसे समय कहीं, जब वह वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने के लिए पहुंचा। वह अपने प्रत्यर्पण मामले में सुनवाई के लिए अदालत पहुंचा था। उम्मीद है कि सुनवाई के दौरान न्यायाधीश भारतीय अधिकारियों की ओर से पेश किए गए मुंबई जेल सेल के एक वीडियो की समीक्षा करेंगे। यह सेल प्रत्यर्पण के बाद माल्या को रखने के लिए तैयार की गई है। 

भुगतान का आश्वासन :
किंगफिशर एयरलाइन का 62 वर्षीय पूर्व प्रमुख पिछले साल अप्रैल में जारी प्रत्यर्पण वारंट के बाद से जमानत पर है। कोर्ट के बाहर जुटे संवाददाताओं के सवाल पूछने पर माल्या ने कहा, अदालतें तय करेंगी। उसने कहा, जहां तक मेरा संबंध है, मेरे पास है। मुझे उम्मीद है कि सम्माननीय न्यायाधीश इसे अनुकूल समझेंगे। हर किसी को भुगतान किया जाएगा। मुझे लगता है कि यही प्राथमिक उद्देश्य है। माल्या के खिलाफ भारत में करीब नौ हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और धनशोधन के आरोप हैं। 

हाई कोर्ट में आवेदन :
माल्या के अनुसार, वह और यूनाइटेड ब्रेवरीज ग्रुप (यूबीएचएल) 22 जून 2018 को ही कर्नाटक हाई कोर्ट में आवेदन दायर कर चुके हैं। उसमें लगभग 13,900 करोड़ रुपये की उपलब्ध संपत्तियों का ब्योरा दिया गया है। उन्होंने कोर्ट से इजाजत मांगी है कि वह अपने न्यायिक पर्यवेक्षण के तहत इन संपत्तियों की बिक्री की अनुमति दे और लेनदारों का पुनर्भुगतान करे। लेनदारों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भी शामिल हैं, जिन्हें देने के लिए राशि कोर्ट निर्देशित और निर्धारित कर सकता है। 

निष्पक्ष सुनवाई का सवाल :
माल्या के खिलाफ लंदन कोर्ट में प्रत्यर्पण परीक्षण का यह मामला पिछले साल 4 दिसंबर को शुरू किया गया। इसका मकसद माल्या के खिलाफ प्रथमदृष्टया धोखाधड़ी का पहला मामला पेश करना है। 

हाई कोर्ट ने 13 भारतीय बैंकों को माल्या से करीब 1.145 अरब पाउंड (करीब 107.49 अरब रुपये) की धनराशि वसूल करने का आदेश दिया था। अलग-अलग कानूनी कार्यवाहियों में माल्या हाई कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ ब्रिटिश अपीलीय अदालत में अपनी याचिका हार चुका है। हाई कोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अगुआई वाले कंसोर्टियम के पक्ष में आदेश दिया था, जिसमें दुनियाभर में माल्या की संपत्तियों को जब्त करने पर जोर दिया गया था।

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  • Web Title:Ahead of extradition hearing in UK court Vijay Mallya says made comprehensive settlement offer before Karnataka HC