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उजड़ता देश: तालिबान के डर से हर सप्ताह 30 हजार लोग छोड़कर भाग रहे अफगानिस्तान

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीPublished By: Nootan Vaindel
Mon, 02 Aug 2021 10:37 AM
उजड़ता देश: तालिबान के डर से हर सप्ताह 30 हजार लोग छोड़कर भाग रहे अफगानिस्तान

अफगानिस्तान के कई जिलों में तालिबान ने अपना कब्जा कर लिया है। अफगान विदेश मंत्रालय के अनुसार तालिबान ने 193 जिला केंद्रों और 19 सीमावर्ती जिलों पर कब्जा कर लिया है। तालिबान द्वारा की गई हिंसा में यहा 2 हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं। तालिबान के आतंक से परेशान होकर लोगों ने अफगानिस्तान छोड़कर दूसरे देशों में जाना शुरू कर दिया है। हर सप्ताह लगभग 30 हजार लोग अफगानिस्तान छोड़कर भाग रहे हैं। मजबूर लोग अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं, कुछ अपने रिश्देदारों के घर रहे हैं। लोग अवैध तरीकों से सीमा पार करने के लिए तस्करों की भी मदद ले रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, इस साल अब तक लगभग 330, 000 लोग अफगानिस्थान से विस्थापित हुए हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा लोग अपने घरों को छोड़कर इसलिए भाग गए, क्योंकि अफगानिस्तान से अब विदेशी सैनिकों की वापसी हो रही है।

कई लोगों ने शिविरों में जाकर शरण ली है और अस्थायी टेंटो में लोगों की बाढ़ आ गई है। हजारों लोग पूरी तरह देश छोड़ने के लिए पासपोर्ट और वीजा सुरक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं. कई लोग अवैध तरीके से सीमा पार करने के लिए तस्करों की मदद लेने की कोशिश में लगे हैं। अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन के मुताबिक मई में अंतरराष्ट्रीय सैनिकों वापसी शुरू हुई है और उसी के बाद से अवैध रूप से सीमा पार करने वाले अफगानों की संख्या में 30 से 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. कम-से-कम 30 हजार लोग अब हर हफ्ते पलायन कर रहे हैं।

अफगान छोड़कर जा रहे नागरिकों से आस-पास के देशों में शरणार्थी संकट पैदा हो सकता है। सहायता एजेंसियों ने पड़ोसी देश और यूरोप को चेतावनी दी है। शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त के प्रवक्ता बाबर बलूच ने जुलाई में कहा था, "अफगानिस्तान एक और मानवीय संकट के कगार पर है।" "अफगानिस्तान में शांति समझौते तक पहुंचने और मौजूदा हिंसा को रोकने में नाकामयाबी के कारण विस्थापन होगा।"

कोरोनावायरस प्रतिबंधों ने कानूनी और अवैध प्रवास को और अधिक कठिन बना दिया है, क्योंकि देशों ने अपनी सीमाओं को बंद कर दिया है और शरणार्थी कार्यक्रमों को वापस ले लिया है, जिससे हजारों प्रवासी खतरनाक रास्तों से यूरोप की यात्रा करने के लिए प्रेरित हुए हैं।

बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान के आतंक ने लोगों का जीन मुश्किल कर दिया है। अफगानिस्तान के सुरक्षा बलों और तालिबान में लगातार संघर्ष जारी है। पिछले कुछ हफ्तों में, तालिबान ने देश के पूर्वोत्तर प्रांत तखर सहित अफगानिस्तान के कई जिलों पर कब्जा कर लिया है। अफगान विदेश मंत्रालय के अनुसार तालिबान ने 193 जिला केंद्रों और 19 सीमावर्ती जिलों पर कब्जा कर लिया है। तालिबान ने तखर, कुंदुज, बदख्शां, हेरात और फराह प्रांतों में देश भर में 10 सीमा पार करने वाले पॉइंट्स पर भी नियंत्रण कर लिया है, जिससे इन क्षेत्रों में सीमा पार से आवाजाही और व्यापार पूरी तरह से बंद हो गया है।

 अफगानिस्तान में 14 अप्रैल से, लगभग 4,000 ANDSF कर्मी मारे गए हैं, 7,000 से अधिक घायल हुए हैं और लगभग 1,600 तालिबान द्वारा कब्जा कर लिया गया है। हिंसा में महिलाओं और बच्चों सहित 2,000 से अधिक नागरिक मारे गए, जबकि 2,200 घायल हुए।

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