हमने मिलकर बिन लादेन को ढूंढा और मार गिराया : अमेरिका
अमेरिका ने 9/11 आतंकवादी हमलों की 25वीं बरसी पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को बताया कि उन्होंने ओसामा बिन लादेन का पीछा किया और उसे मारा। सुरक्षा परिषद ने पहली बार आतंकवाद पर अध्यक्षीय वक्तव्य स्वीकार किया। बैठक में बिन लादेन का अगवा पाकिस्तान में होना भी चर्चा का विषय रहा।

- अमेरिका ने 9/11 हमलों की 25वीं बरसी पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को बताया संयुक्त राष्ट्र, एजेंसी। अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को बताया कि हमने सहयोगी देशों के साथ मिलकर अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का पीछा किया और उसे मार गिराया। 9/11 आतंकी हमलों की 25वीं बरसी के मौके पर सुरक्षा परिषद ने पांच साल में पहली बार आतंकवाद पर अपना पहला अध्यक्षीय वक्तव्य भी स्वीकार किया।
सुरक्षा परिषद की बैठक
सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को 11 सितंबर, 2001 के आतंकी हमलों की 25वीं बरसी के मौके पर बैठक की। अल-कायदा के आतंकवादियों ने अपहृत विमानों को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की ट्विन टावरों से टकरा दिया था। बैठक में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा कि हमने मिलकर बिन लादेन का पीछा किया। हमारे गठबंधन ने आईएसआईएस के खिलाफ लड़ाई में उसकी खिलाफत को नष्ट किया। हमने अल-बगदादी और अल-जवाहिरी को मार गिराया। उन्होंने सुरक्षा परिषद की बैठक में आतंकवादी कृत्यों से अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को खतरे विषय पर यह बात कही। जिस समय अमेरिकी दूत यह बयान दे रहे थे, उस समय पाकिस्तान भी सुरक्षा परिषद की मेज पर मौजूद था। पाकिस्तान वर्तमान में 15 सदस्यीय परिषद का अस्थायी सदस्य है और उसका दो साल का कार्यकाल इस साल दिसंबर में समाप्त होगा।
पाकिस्तान में बिन लादेन की छिपने की जगह
9/11 हमलों की साजिश बिन लादेन ने रची थी। वह पाकिस्तान के एबटाबाद शहर में छिपा हुआ था, जहां मई 2011 में अमेरिकी नौसेना के सील कमांडो ने अभियान चलाकर उसे मार गिराया था। वॉल्ट्ज ने सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों में हुए प्रमुख आतंकी हमलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि परिषद की मेज पर मौजूद लगभग हर देश ने आतंकवाद से मुकाबला करते हुए अपने सुरक्षाबलों के जवानों को खोया है। उन्होंने पाकिस्तान के 2014 के पेशावर स्कूल हमले का उल्लेख किया, जिसमें करीब 130 बच्चों की मौत हुई थी। उन्होंने 7 जुलाई, 2005 को लंदन में हुए बम धमाकों का भी जिक्र किया।


