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'पाकिस्तान से आ रहे हैं आतंकी', बाइडेन से आखिरी फोन कॉल पर गनी ने क्यों कही थी यह बात

हिन्दुस्तान टाइम्स,वॉशिंगटनPublished By: Priyanka
Wed, 01 Sep 2021 02:43 PM
'पाकिस्तान से आ रहे हैं आतंकी', बाइडेन से आखिरी फोन कॉल पर गनी ने क्यों कही थी यह बात

अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी ने देश छोड़ने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से बीच फोन पर बातचीत की थी। दावा किया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत 23 जुलाई को हुई थी, यानी जब तालिबान ने पूरे अफगान पर कब्जा नहीं किया था। हालांकि, तजा रिपोर्ट के मुताबिक, अशरफ गनी को भनक लग गई थी कि तालिबान को खड़ा करने के लिए पाकिस्तान अपनी जी-जान लगा रहा है। गनी ने बाइडेन को यह भी बताया था कि अफगान पर बड़ा आक्रमण होने वाला है और करीब 10 से 15 हजार पाकिस्तानी आतंकवादी भी इसमें शामिल थे। 

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की खबर के मुताबिक, 14 मिनट तक चली बातचीत के दौरान गनी ने जो बाइडेन को बताया था कि अफगानिस्तान में तालिबान की पूरी तरह कब्जे की तैयारी है, जिसे पाकिस्तान का समर्थन मिल रहा है और इस काम के लिए कम-से-कम 10 से 15 हजार आतंकवादियों को लगाया गया है। रॉयटर्स के पास इस बातचीत की ट्रांसक्रिप्ट है, जिसके आधार पर समाचार एजेंसी ने यह रिपोर्ट छापी है। 

हालांकि, रॉयटर्स के मुताबिक दोनों नेताओं की बातचीत से यह संकेत मिलते हैं कि उस समय न तो बाइडेन और न ही गनी को इस बात का अंदेशा था कि अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा इतनी जल्दी हो जाएगा। बातचीत के दौरान बाइडेन जहां अफगानिस्तान को हवाई हमले में मदद की बात कर रहे थे तो वहीं गनी तेजी से एक्शन उठाए जाने की बात कर रहे थे। तालिबान ने 15 अगस्त को काबुल पर कब्जा करने के साथ ही अफगानिस्तान पर अपना नियंत्रण कर लिया।अफगान सरकार के कर्मचारी और पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह के साथ ही कई लोग लगातार तालिबान को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान पर उंगली उठाते रहे हैं। हालांकि, पाकिस्तान भी लगातार इन दावों को खारिज करता आया है। 

जो बाइडेन ने फोन पर अशरफ गनी से कहा था कि अगर गनी तालिबान के हमले के खिलाफ कोई योजना बनाते हैं तो अमेरिका हर तरह से समर्थन प्रदान करेगा। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की मानें तो जब तालिबान अपनी बढ़त कायम कर रहा था और एक के बाद एक जिले पर कब्जा कर रहा था तब बाइडेन ने गनी को सलाह दी थी कि वह उस समय अफगान राजनेताओं की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करके अफगानिस्तान की धारणा को दुनिया के सामने बदलने की कोशिश करे। इतना ही नहीं,  बाइडन ने गनी को सलाह दी थी कि अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री जनरल बिसमिल्ला खान मुहम्मदी को योजना का वॉरियर बनाया जाए।  

बाइडेन ने 14 मिनट के फोन कॉल में गनी से कहा कि आपके पास अच्छी तरह से 3 लाख सेनाओं की फौज है और वे स्पष्ट रूप से लड़ने में सक्षम हैं। आपके इन सशस्त्र बलों के सामने तालिबान के 70-80 हजार की फौज नहीं टिक पाएगी।

बाइडेन ने यह भी कहा था कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपकी सरकार न केवल जीवित रहे बल्कि कायम रहे और आगे बढ़े, हम कूटनीतिक, राजनीतिक, आर्थिक रूप से संघर्ष जारी रखेंगे। हालांकि, फोन पर हुई इस बातचीत पर व्हाइट हाउस ने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।

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