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मिले 1 लाख साल पुराने पैरों के निशान, वैज्ञानिकों ने बताया- कैसा दिखता था इंसान

मोरक्कों में इंसानों के पैरों के निशान पाए गए हैं जिनकी उम्र एक लाख साल बताई जा रही हैे। वैज्ञानिकों का कहना है कि उस वक्त भी इंसान हमसे ही मिलता जुलता था।

मिले 1 लाख साल पुराने पैरों के निशान, वैज्ञानिकों ने बताया- कैसा दिखता था इंसान
Ankit Ojhaलाइव हिन्दुस्तान,रबातSun, 11 Feb 2024 10:52 PM
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मोरक्को में एक लाख साल पुराने निशान पाए गए हैं। वैज्ञाानिकों का दावा है कि ये निशान इंसान के पैरों के हैं। मोरक्को, फ्रांस जर्मनी और स्पेन के वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च पब्लिश की है जिसमें दावा किया गया है कि एक लाख साल पुराने  पैरों के निशान भी सुरक्षित हैं। ये पैरों के निशान मानव विकास को लेकर कई राज खोल सकते हैं। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तरी मोरक्कों में समंदर के पास के इलाके में एक चट्टान के ऊपर पैरों के निशान पाए गए।  ऐसा लगता है कि ये निशान पांच इंसानों के समूह के हैं। 

नेचर साइंस जर्नल में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक इन पैरों के निशान से ह्यूमन रेस के ओरिजिन के बारे में पता लगाया जा सकता है। हालांकि तटीय इलाकों में होने वाला अपरदन वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी चुनौती है। कई ह्यूमन ट्रैक समंदर में गायब हो गए हैं। मोरक्को में समंदर किनारे पत्थरों पर शोध के दौरान ये पैरों के निशान पाए गए थे। जब इन निशानों को गौर से देका गया तो पता चला कि इनके साइज अलग-अलग थे। 

पुरातत्वविद मौनसेफ सेदराती ने अलजजीरा को बताया, पहले हमें विश्वास नहीं हो रहा था कि ये इंसानों के पैरों को निशान हो सकते हैं। लेकिन जब दूसरा और तीसरा निशान बना तो हमें विश्वास होने लगा। बाद में पता चला कि यह रेत 1 लाख साल पुरानी है। यहां से इंसानों के पैरों के करीब 85 निशान पाए गए। ऐसा लगता है कि इंसानों का कोई समूह पानी की ओर जा रहा था। इससे पहले उत्तरी अमेरिका में भी पैरों के निशान पाए गए थे। अंगूठे और उंगलियों के निशान से पता लगता है कि तब भी हमारे जैसे ही इंसान थे। अलग-अलग साइज से पता चलता है कि इसमें महिला पुरुष और बच्चे भी शामिल थे। 

अब तक वैज्ञानिकों को भी पता नहीं चला है कि आखिर इंसान यहां क्या करता था। हालांकि अंदाजा लगाया गया है कि वे समंदर में अपना खाना ढूंढने के लिए जाते रहे होंगे। ऐसा भी हो सकता है कि इस इलाके में वे घूमने ही आए हों या फिर अचनाक पहुंच गए हों। सेदराती की टीम ने अध्ययन में पता लगाया कि ये फुटप्रिंट खुद अपनी कहानी बताते हैं। इनके आसपास जमा खनिज और कार्बन से पता लगाया गया कि ये कितने पुराने हैं। 

सेदराती ने कहा कि हो सकता कि उस वक्त हिम युग खत्म हो रहा  हो और फिर इंसानों मे भी परिवर्तन आया हो। अध्ययन पता चलता है कि उस समय हिम युग खत्म हो चुका था। हालांकि अभी यह पता लगाना है कि वास्तव में उस वक्त की जलवायु और मौसम कैसाथा। बता दें कि 1995 में दक्षइण अफ्रीका के वेस्ट केप प्रांत में पाए गए पैर के निशान सबसे पुराने बताए जाते हैं। इनकी उम्र लगभग 1 लाख 17 हजार साल है। इनकी लंबाई 8.7 इंच है। इससे पता लगया  गया कि यह आकार चप्पल की तरह का है। वहीं उस समय महिलाओं की  ऊंचाई लगभग 122 सेंटीमीटर थी। 
 

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