स्पेन में पड़ोसी देश से घुस आए हजारों लोग, बॉर्डर पर बिछ गईं लाशें; सेना संभाल रही मोर्चा

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स्पेन के सेउटा बॉर्डर पर गहराया संकट! मोरक्को से 30,000 प्रवासियों की घुसपैठ, 18 की मौत। हालात बेकाबू होने पर स्पेन ने सेना की तैनात। जानें इस बड़े मानवीय संकट की पूरी इनसाइड स्टोरी।

स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी शहर सेउटा में मोरक्को की सीमा से हजारों प्रवासियों की अचानक घुसपैठ के कारण एक गंभीर मानवीय और सुरक्षा संकट पैदा हो गया है। सीमा पार करने की कोशिश में अब तक कम से कम 18 प्रवासियों की मौत हो चुकी है। हालात बेकाबू होने के बाद स्पेन सरकार ने सीमा पर व्यवस्था बहाल करने के लिए सेना तैनात कर दी है।

पूरा मामला: शुरू से अब तक

जुलाई के अंतिम सप्ताह में हजारों की संख्या में प्रवासियों ने मोरक्को से स्पेनिश क्षेत्र सेउटा में प्रवेश करना शुरू कर दिया। प्रवासियों ने मुख्य रूप से तराजल ब्रेकवाटर के पास समुद्र में तैरकर, टायरों के ट्यूब के सहारे, या तटीय किनारों पर पैदल चलकर सीमा पार की। कई जगह कंटीले तारों की बाड़ को भी तोड़ा गया। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि सीमा पर तैनात स्पेन की सिविल गार्ड पुलिस पूरी तरह से लाचार नजर आई। अनुमान है कि 2,000 से लेकर 30,000 तक प्रवासियों ने घुसपैठ की है।

मौतों का आंकड़ा और मानवीय संकट

इस भारी अफरा-तफरी और समुद्र के रास्ते तैरकर आने की कोशिश में कम से कम 18 प्रवासियों की जान जा चुकी है। सिविल गार्ड के अधिकारियों ने स्थिति को "पूरी तरह से अराजक" बताया है। स्थानीय रिसेप्शन सेंटर अपनी क्षमता से कहीं ज्यादा भर चुके हैं। बिना किसी आश्रय के, हजारों प्रवासी (जिनमें अकेले बच्चे भी शामिल हैं) पार्कों, फुटपाथों और सड़कों पर सोने को मजबूर हैं।

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स्थानीय लोगों में दहशत

स्थिति के बेकाबू होने के कारण सेउटा में दहशत का माहौल है और कई दुकानें तथा व्यवसाय बंद कर दिए गए हैं। स्थानीय व्यापारियों को लगता है कि पुलिस बल अपर्याप्त है, जिसके कारण उन्होंने अपनी और अपने व्यवसायों की सुरक्षा के लिए स्वयं-रक्षा समूहों का आयोजन भी शुरू कर दिया है।

इस संकट का मुख्य कारण क्या है?

इस अभूतपूर्व घुसपैठ के पीछे एक प्रमुख कानूनी बदलाव को कारण माना जा रहा है। हाल ही में स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला सुनाया था कि समुद्र के रास्ते सेउटा या मेलिला पहुंचने वाले प्रवासियों पर 'तत्काल वापसी' की प्रक्रिया लागू नहीं की जा सकती। इसके बजाय, उन्हें सामान्य इमिग्रेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा।

स्पेन के आंतरिक मंत्रालय के अनुसार, मानव तस्करी करने वाले नेटवर्कों ने अदालत के इस फैसले का फायदा उठाया और प्रवासियों को यह विश्वास दिलाकर समुद्र के रास्ते सीमा पार करने के लिए उकसाया कि उन्हें तुरंत वापस नहीं भेजा जाएगा।

सरकार की प्रतिक्रिया और सेना की तैनाती

इस संकट से निपटने के लिए स्पेन सरकार और स्थानीय प्रशासन ने कई सख्त कदम उठाए हैं। स्पेनिश सरकार ने पुलिस की मदद करने और शहर में सुरक्षा बनाए रखने के लिए सशस्त्र बलों (सेना) को तैनात किया है। मुख्य भूमि से विशेष पुलिस अधिकारियों और अतिरिक्त सैनिकों को भी तुरंत भेजा गया है।

हालात की गंभीरता को देखते हुए, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज और आंतरिक मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मारलास्का शुक्रवार (31 जुलाई) की सुबह हालात का जायजा लेने सेउटा पहुंचे। सेउटा के मेयर जुआन जीसस विवास ने स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार से 'राष्ट्रीय आपातकाल' घोषित करने की मांग की थी। हालांकि, स्पेनिश सरकार ने यह कहते हुए इस मांग को खारिज कर दिया कि प्रवासन का मुद्दा राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने के कानूनी ढांचे के अंतर्गत नहीं आता है।

स्पेन के आंतरिक मंत्रालय का कहना है कि मोरक्को की सरकार इस स्थिति को संभालने में उनके साथ सहयोग कर रही है और मोरक्कन पुलिस भी कई लोगों को सीमा पार करने से रोक रही है।

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सेउटा का इतिहास

सेउटा और मेलिला, उत्तरी अफ्रीका में स्थित स्पेन के दो छोटे शहर हैं, जिनकी सीमाएं मोरक्को से लगती हैं। ये पूरे अफ्रीकी महाद्वीप में यूरोपीय संघ (EU) की एकमात्र जमीनी सीमाएं हैं। यही कारण है कि बेहतर आर्थिक अवसरों की तलाश में या हिंसा से भाग रहे अफ्रीकी प्रवासियों के लिए ये यूरोप में प्रवेश करने का सबसे प्रमुख द्वार माने जाते हैं। मोरक्को इस पर स्पेन के अधिकार को मान्यता नहीं देता है। यह घटना मई 2021 के उस संकट की याद दिलाती है, जब कूटनीतिक विवाद के बीच 8,000 से अधिक प्रवासी अचानक सेउटा में घुस आए थे।

घुसपैठियों का पसंदीदा रूट

यूरोप में एंट्री के लिए सेउटा को सबसे छोटा और आसान रास्ता माना जाता है। इसलिए मोरक्को और अन्य अफ्रीकी देशों के युवा यहां से यूरोपीय संघ के देशों में शरण लेने और बेहतर जीवन की तलाश में आते हैं। यह घुसपैठ एक गंभीर 'मानवीय संकट' में बदल गई है। हजारों लोग, जिनमें बिना किसी अभिभावक वाले छोटे बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं, सेउटा की सड़कों, पार्कों और फुटपाथों पर सोने को मजबूर हैं।

स्पेन और मोरक्को में कूटनीतिक तनाव

सेउटा को लेकर स्पेन और मोरक्को के बीच लंबे समय से कूटनीतिक खींचतान रही है। कई बार विश्लेषक इसे रबात (मोरक्को) द्वारा स्पेन पर दबाव बनाने के एक टूल के रूप में भी देखते हैं। चूंकि सेउटा यूरोपीय संघ (EU) की बाहरी सीमा है, इसलिए इस घटना ने पूरे यूरोप की नींद उड़ा दी है। इटली ने चेतावनी दी है कि यह अनियंत्रित घुसपैठ पूरे यूरोप की सुरक्षा के लिए खतरा है। इटली ने बिना वीजा वाले 'शेंगेन' ओपन-बॉर्डर सिस्टम की समीक्षा करने तक की मांग उठा दी है।

Amit Kumar

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