अमेरिकी विमानों के लिए स्पेन ने बंद कर दिया अपना हवाई क्षेत्र, डोनाल्ड ट्रंप की टेंशन बढ़ी

Niteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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रक्षा मंत्री मार्गरिटा रोब्लेस ने कहा कि स्पेन ने अमेरिकी सेना को संदेश दे दिया था कि सैन्य ठिकानों का उपयोग मध्य पूर्व संघर्ष से संबंधित किसी भी कार्रवाई के लिए नहीं किया जाएगा। अब एयर स्पेस पर भी यही प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। 

स्पेन ने ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में शामिल अमेरिकी विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। रक्षा मंत्री मार्गरिटा रोब्लेस ने सोमवार को कहा कि स्पेन ने अमेरिकी सेना को साफ संदेश दे दिया था कि सैन्य ठिकानों का उपयोग मध्य पूर्व संघर्ष से संबंधित किसी भी कार्रवाई के लिए नहीं किया जा सकेगा। अब एयर स्पेस पर भी यही प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। इससे पहले स्पेन ने रोता और मोरॉन सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान संबंधी ऑपरेशनों के लिए मना कर दिया था।

अमेरिका और इजरायल की मध्य पूर्व नीतियों की सबसे कड़ी आलोचना करने वाली यूरोपीय सरकार स्पेन ही रही है। रक्षा मंत्री रोब्लेस ने कहा, 'यह फैसला शुरू से ही अमेरिकी सैन्य बलों को बता दिया गया था। इसलिए न तो ठिकानों के इस्तेमाल की इजाजत है और न ही स्पेनिश एयर स्पेस यूज करना है।' उन्होंने ईरान युद्ध को अवैध और अन्यायपूर्ण करार दिया। स्पेन का मानना है कि अमेरिका और इजरायल की यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है।

अमेरिका से क्यों खफा है स्पेन

विदेश मंत्री जोस मैनुएल अल्बारेस ने कहा था कि स्पेनिश ठिकाने केवल उन गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं जो द्विपक्षीय समझौते और संयुक्त राष्ट्र के दायरे में हों। इस फैसले के बाद अमेरिकी केसी-135 टैंकर विमानों समेत लगभग 15 सैन्य विमान स्पेन के दक्षिणी ठिकानों से निकलकर जर्मनी और अन्य जगहों पर चले गए। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट्स के अनुसार, ये विमान ईरान पर हमलों के लिए ईंधन भरने की भूमिका निभा रहे थे। स्पेन की इस मजबूत स्थिति ने NATO सहयोगी अमेरिका के साथ तनाव बढ़ा दिया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पेन पर व्यापार प्रतिबंधों की धमकी दी थी, लेकिन स्पेन सरकार अपनी स्थिति पर अडिग है। प्रधानमंत्री सांचेज ने युद्ध को अनुचित और खतरनाक सैन्य हस्तक्षेप बताया। उन्होंने कहा कि स्पेन किसी भी रूप में इस संघर्ष में साझेदार नहीं बनेगा। स्पेन की यह कार्रवाई यूरोप में अमेरिका की ईरान नीति के खिलाफ सबसे स्पष्ट विरोध के रूप में देखी जा रही है। सरकार का कहना है कि ठिकान स्पेनिश संप्रभुता के अधीन हैं और उनका उपयोग केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ही हो सकता है।

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पत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।

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