विरोधियों को कुचलने को मार्शल लॉ; साउथ कोरिया के अपदस्थ राष्ट्रपति का भयानक प्लान बेनकाब
स्वतंत्र वकील चो ईउन-सुक ने कहा कि यून और उनके सैन्य सहयोगियों पर उत्तर कोरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के आदेश देने का भी आरोप लगाया गया। उन्होंने कहा कि यह सब जानबूझकर तनाव बढ़ाने और मार्शल लॉ लगाने के फैसले को जायज ठहराने के लिए किया गया।
दक्षिण कोरिया के अपदस्थ राष्ट्रपति यून सुक येओल ने अपने राजनीतिक विरोधियों को खत्म करने और सत्ता पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने की मंशा से एक साल से अधिक समय पहले से मार्शल लॉ की साजिश रची थी। सोमवार को छह महीने चली विशेष जांच के निष्कर्षों में यह खुलासा हुआ कि यून ने अक्टूबर 2023 से पहले ही इसकी तैयारी शुरू कर दी थी, जिसमें सैन्य अधिकारियों की नियुक्तियां बदलना और उत्तर कोरिया को जानबूझकर उकसाने के प्रयास शामिल थे। बता दें कि दिसंबर 2024 में घोषित मार्शल लॉ महज कुछ घंटों में विफल हो गया, जिसके बाद यून का महाभियोग हुआ और अप्रैल 2025 में उन्हें पद से हटा दिया गया।
स्वतंत्र वकील चो ईउन-सुक ने छह महीने तक चली जांच के नतीजे घोषित किए। उन्होंने कहा कि यून और उनके सैन्य सहयोगियों पर उत्तर कोरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के आदेश देने का भी आरोप लगाया गया। उन्होंने कहा कि यह सब जानबूझकर तनाव बढ़ाने और मार्शल लॉ लगाने के फैसले को जायज ठहराने के लिए किया गया। चो ने कहा कि उत्तर कोरिया की ओर से कोई गंभीर प्रतिक्रिया न मिलने के बावजूद यून ने लिबरल पार्टी के नियंत्रण वाली संसद को 'राष्ट्र-विरोधी ताकत' बताकर मार्शल लॉ घोषित किया और कहा कि इन्हें तत्काल हटाना जरूरी है।
हालांकि यून की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। फिलहाल वे गंभीर विद्रोह के आरोपों में मुकदमे का सामना करते हुए जेल में बंद हैं। यून ने दृढ़ता से कहा है कि मार्शल लॉ की उनकी घोषणा प्रमुख उदारवादी विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के खिलाफ उनकी लड़ाई के लिए जनता का समर्थन हासिल करने का एक हताश प्रयास था, जिसने उनके एजेंडे में बाधा डाली थी। इसी बीच, पुलिस ने सोमवार को यूनिफिकेशन चर्च के मुख्यालय पर छापा मारा, क्योंकि वे अन्य राजनेताओं के खिलाफ रिश्वतखोरी के अलग-अलग आरोपों की जांच कर रहे हैं। यून की पत्नी और चर्च से जुड़ी एक स्वतंत्र जांच कई महीनों से चल रही है।
जानबूझकर उत्तर कोरिया को उकसाना
चो ने कहा कि यून और उनके सैन्य सहयोगियों ने अक्टूबर 2023 से पहले ही मार्शल लॉ लागू करने की योजना बनाई थी और उन्होंने शीर्ष सैन्य अधिकारियों के तबादलों के जरिए अपने सहयोगियों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया, जबकि उनकी इस योजना का विरोध करने वाले रक्षा मंत्री को हटा दिया गया। चो ने कहा कि उन्होंने सैन्य नेताओं के बीच मार्शल लॉ की योजना को बढ़ावा देने के लिए रात्रिभोज पार्टियों का आयोजन किया।
यून के मार्शल लॉ फरमान
2024 में यून द्वारा मार्शल लॉ घोषित किए जाने के बाद सैकड़ों सैनिकों ने संसद भवन को घेर लिया और चुनाव आयोग के कार्यालयों में प्रवेश कर गए। उस समय हजारों लोग राष्ट्रीय सभा में जमा हो गए और इस आदेश का विरोध करते हुए यून के इस्तीफे की मांग की। सांसदों ने भवन के अंदर प्रवेश किया और यून के आदेश को खारिज कर दिया तथा बाद में उन पर महाभियोग चलाया। संवैधानिक न्यायालय ने अप्रैल में यून को पद से हटाने का फैसला सुनाया था।

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