नेपाल को संभालेगा 'मधेस का बेटा', पहली बार मधेशी PM बनने की संभावना; चर्चा में बालेन शाह

Mar 11, 2026 12:57 am ISTDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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नेपाल की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। हाल में हुए चुनावों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की बड़ी जीत के बाद बलेंद्र शाह के देश के पहले मधेसी प्रधानमंत्री बनने की संभावना मजबूत हो गई है। वहीं मधेस क्षेत्र के पारंपरिक राजनीतिक दिग्गजों को चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है।

नेपाल को संभालेगा 'मधेस का बेटा', पहली बार मधेशी PM बनने की संभावना; चर्चा में बालेन शाह

नेपाल की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। हाल में हुए चुनावों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) की बड़ी जीत के बाद बलेंद्र शाह(बालेन) के देश के पहले मधेसी प्रधानमंत्री बनने की संभावना मजबूत हो गई है। वहीं मधेस क्षेत्र के पारंपरिक राजनीतिक दिग्गजों को चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। दरअसल, 5 मार्च को हुए चुनावों में आरएसपी ने मधेस प्रांत में शानदार प्रदर्शन किया। पार्टी ने भारत सीमा से सटे आठ जिलों ( सप्तरी, सिराहा, धनुषा, महोत्तरी, सरलाही, रौतहट, बारा और परसा) की कुल 32 सीटों में से 30 सीटों पर जीत हासिल की।

मधेस क्षेत्र से विधानसभा के लिए चुने गए 11 सदस्य 40 वर्ष से कम उम्र के हैं, जो क्षेत्र में नई पीढ़ी के नेतृत्व के उभार को दर्शाता है। 35 वर्षीय बलेंद्र शाह, जो पहले एक रैपर के रूप में भी पहचान बना चुके हैं, अब नेपाल के पहले मधेसी प्रधानमंत्री और देश के सबसे कम उम्र के निर्वाचित कार्यकारी प्रमुख बनने की राह पर हैं। चुनाव प्रचार के दौरान धनुषा में अपने पहले संबोधन में शाह ने खुद को 'मधेस का बेटा' बताया था। उनका पैतृक घर महोत्तरी जिले में स्थित है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, मधेस के कई बड़े राजनीतिक नेताओं को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी नेपाल के अध्यक्ष राजेंद्र महतो, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के नेता महेंद्र यादव (सरलाही-2), जनता समाजवादी पार्टी नेपाल के अध्यक्ष उपेंद्र यादव (सप्तरी-3) और जनता पार्टी के अध्यक्ष सीके राउत (सप्तरी-2) चुनाव हार गए। सरलाही-2 सीट से आरएसपी के रबिन महतो ने जीत हासिल की, जबकि महेंद्र यादव दूसरे स्थान पर रहे और राजेंद्र यादव चौथे स्थान पर रहे।

मधेस की शेष दो सीटों में से धनुषा-1 सीट पर नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी की मत्रिका यादव ने नेपाली कांग्रेस के राम पलटन साह को हराया। वहीं रौतहट-2 सीट पर नेपाली कांग्रेस के मोहम्मद फिरदोस आलम ने नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के किरण कुमार शाह को पराजित किया। गौरतलब है कि नेपाल में संसदीय चुनावों के तहत प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली (FPTP) के अंतर्गत मतगणना मंगलवार को पूरी हो गई। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 165 में से 125 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है और अब वह सरकार बनाने की स्थिति में है।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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