पत्नी को गुजारा भत्ता ना देना पड़े, इसीलिए छोड़ दी 6 करोड़ की नौकरी; कोर्ट ने क्या सुनाया फैसला?

Jan 20, 2026 02:48 pm ISTJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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शख्स ने कोर्ट में दलील दी कि पत्नी ने उसके ऑफिस में उसे बदनाम करने की कोशिश की, इसलिए उसे नौकरी छोड़नी पड़ी। हालांकि कोर्ट ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि उसकी नौकरी पर कोई खतरा नहीं था।

पत्नी को गुजारा भत्ता ना देना पड़े, इसीलिए छोड़ दी 6 करोड़ की नौकरी; कोर्ट ने क्या सुनाया फैसला?

तलाक के बाद पत्नी को गुजारा भत्ता देने से बचने के लिए लोग नए-नए तरकीब निकालते रहते हैं। हाल ही में सिंगापुर के एक शख्स ने पत्नी को भरण-पोषण ना देना पड़े, इसके लिए एक ऐसा कदम उठा लिया, जिसे सुनकर अदालत भी दंग रह गई। यह मामला सिंगापुर की फैमिली कोर्ट से सामने आया है। यहां कोर्ट ने एक कनाडाई नागरिक को बड़ा झटका देते हुए उसकी अलग रह रही पत्नी और चार बच्चों को करीब 6.34 लाख सिंगापुर डॉलर का बकाया गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि कोई शख्स अच्छी सैलरी वाली नौकरी छोड़कर और देश छोड़कर अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों से नहीं बच सकता।

ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक अदालत ने माना कि व्यक्ति ने जानबूझकर अक्टूबर 2023 में सिंगापुर में अपनी एक अच्छी नौकरी छोड़ दी। ठीक उसी समय उसकी पत्नी ने विमेंस चार्टर के तहत मेंटेनेंस की अर्जी दी थी। कोर्ट ने कहा कि नौकरी छोड़ना उसे पत्नी और बच्चों की आर्थिक जिम्मेदारी से मुक्त नहीं करता।

पत्नी गृहिणी

दोनों पति-पत्नी कनाडा के नागरिक हैं और दिसंबर 2013 में अपने चार बच्चों के साथ सिंगापुर आए थे। पति सिंगापुर में एक मल्टीनेशनल कंपनी के ऑफिस में सीनियर एग्जीक्यूटिव था और 2023 में उसकी सालाना आमदनी करीब 8.60 लाख सिंगापुर डॉलर यानी करीब 6 करोड़ रुपए थी। वहीं उसकी पत्नी गृहिणी थी और डिपेंडेंट पास पर रह रही थी। बच्चे इंटरनेशनल स्कूलों में पढ़ते थे। दोनों के रिश्ते में अगस्त 2023 में दरार आई, जब पति घर छोड़कर एक दूसरी महिला के साथ रहने लगा। अलग होने के बाद शुरुआत में पति ने हर महीने 20 हजार सिंगापुर डॉलर देने की पेशकश की थी, जिसमें किराया, स्कूल फीस और ट्रांसपोर्ट खर्च अलग थे। बाद में यह रकम घटाकर 11 हजार डॉलर कर दी गई। सितंबर 2023 में सपोर्ट और कम होने के बाद पत्नी ने 2 अक्टूबर 2023 को कोर्ट में गुजारा भत्ते की अर्जी दी और कहा कि पति ने सही आर्थिक मदद नहीं दी।

नौकरी के साथ देश भी छोड़ा

मेंटेनेंस की अर्जी दाखिल होने के कुछ ही दिनों बाद, 9 अक्टूबर 2023 को पति ने सिंगापुर की नौकरी से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद जनवरी 2024 में वह सिंगापुर छोड़कर कनाडा चला गया। कोर्ट की सुनवाई में शामिल ना होने पर उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था। उसने दलील दी कि पत्नी ने उसके ऑफिस में बदनाम करने की कोशिश की, इसलिए उसे नौकरी छोड़नी पड़ी। लेकिन कोर्ट ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि उसकी नौकरी पर कोई खतरा नहीं था।

कोर्ट ने क्या कहा?

जज ने अपने आदेश में कहा कि मेंटेनेंस तय करते समय केवल मौजूदा कमाई नहीं, बल्कि व्यक्ति की कमाने की क्षमता देखी जाती है। अक्टूबर 2024 तक, जब तक उसे कनाडा में नई नौकरी नहीं मिली, उसकी कमाई की क्षमता सिंगापुर वाली सैलरी के आधार पर ही मानी जाएगी। इसके बाद आदेश दिया गया कि अक्टूबर 2024 से आगे बच्चों और परिवार के खर्च में दोनों माता-पिता बराबर योगदान देंगे।

Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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