
आतंकी समर्थकों ने मेरी सरकार गिराई, न्याय दिलाने बांग्लादेश लौटूंगी; हसीना ने उड़ाईं यूनुस की नींदें
हसीना ने उस छात्र आंदोलन को एक आतंकी कार्रवाई बताया जिसने उनकी सरकार के खिलाफ जनविरोध खड़ा किया था। उन्होंने दावा किया कि यूनुस ने इसे विदेशी सहयोग से अंजाम दिया। हसीना ने और क्या कहा?
बांग्लादेश की अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपनी सरकार के पतन को लेकर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि 'ढोंगी और आतंकी समर्थकों' ने उनकी सरकार को गिराने की साजिश रची। हसीना ने यह भी कहा कि वह जल्द ही अपने देश लौटकर 'अपने लोगों के लिए न्याय दिलाने' का काम करेंगी।

शेख हसीना ने यह बयान एक नई किताब ‘इनशाल्लाह बांग्लादेश: द स्टोरी ऑफ एन अनफिनिश्ड रेवोल्यूशन’ में दिया है, जिसे पत्रकार दीप हलदर, जयदीप मजूमदार और साहिदुल हसन खोकन ने लिखा है। यह किताब जगरनॉट बुक्स द्वारा प्रकाशित की जा रही है।
मोहम्मद यूनुस पर गंभीर आरोप
न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, हसीना ने किताब में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें धोखेबाज बताया है। उन्होंने कहा कि यूनुस ने अमेरिका के इशारे पर सत्ता परिवर्तन की साजिश रची और छात्र आंदोलन को वित्तपोषित किया जिसने उनकी सरकार को गिराया।
हसीना ने किताब में कहा कि 'यूनुस अमेरिका के कहने पर जुलाई-अगस्त के दौरान बांग्लादेश में हुए आतंकी हमले की साजिश, फंडिंग और उसे अंजाम देने में शामिल थे। वह एक धोखेबाज हैं जिसने अपनी महत्वाकांक्षाओं के लिए देश को तबाह कर दिया। अब वह और उसके सहयोगी देश को लूट रहे हैं और बर्बाद कर रहे हैं।'
हसीना ने उस छात्र आंदोलन को एक आतंकी कार्रवाई बताया जिसने उनकी सरकार के खिलाफ जनविरोध खड़ा किया था। उन्होंने दावा किया कि यूनुस ने इसे विदेशी सहयोग से अंजाम दिया।
नई दिल्ली में हैं शेख हसीना
इससे पहले, रॉयटर्स को दिए गए एक इंटरव्यू में शेख हसीना ने यह पुष्टि की थी कि वह इस समय नई दिल्ली में रह रही हैं। उन्होंने कहा कि वह तब ही बांग्लादेश लौटेंगी, जब वहां एक वैध सरकार बनेगी।
हसीना ने कहा कि यह मेरे या मेरे परिवार के बारे में नहीं है। बांग्लादेश को उस भविष्य तक पहुंचने के लिए, जिसका सपना हम देखते हैं, संवैधानिक शासन और राजनीतिक स्थिरता की बहाली जरूरी है। कोई एक व्यक्ति या परिवार देश के भविष्य को परिभाषित नहीं करता। उन्होंने आगे कहा कि मैं निश्चित रूप से अपने घर लौटना चाहूंगी, बशर्ते वहां की सरकार वैध हो, संविधान का पालन हो रहा हो और कानून-व्यवस्था कायम हो।
आवामी लीग चुनाव से बाहर
हसीना ने यह भी बताया कि उनकी पार्टी 'आवामी लीग' को आगामी राष्ट्रीय चुनावों में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके चलते, उन्होंने कहा लाखों समर्थक आगामी चुनाव का बहिष्कार करेंगे। बांग्लादेश में पिछले साल जुलाई-अगस्त के दौरान हुए छात्र आंदोलन ने हसीना सरकार के खिलाफ व्यापक जनविरोध खड़ा कर दिया था। इस आंदोलन के बाद हसीना को पद छोड़ना पड़ा और अंतरिम सरकार का गठन हुआ, जिसके मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस बने। अब हसीना के इन नए आरोपों ने बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया है, जबकि यूनुस की ओर से अब तक इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

लेखक के बारे में
Amit Kumarलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




