
अस्पताल में दम तोड़ रहे थे हसीना के मंत्री, यूनुस की पुलिस ने नहीं खोली हथकड़ी; शर्मनाक तस्वीरें
संक्षेप: पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के करीबी सहयोगी और अवामी लीग के वरिष्ठ नेता नुरुल मजीद महमूद हुमायूं 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन के दौरान हत्या और तोड़फोड़ के मामलों में गिरफ्तारी के बाद जेल में थे।
बांग्लादेश के अंतरिम प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस की सरकार मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोपों के घेरे में है। यह विवाद उस समय गहराया जब पूर्व उद्योग मंत्री नुरुल माजिद महमूद हुमायूं का बुधवार को ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनकी मौत के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया। इन तस्वीरों में हुमायून को अस्पताल के बिस्तर पर इलाज के दौरान हथकड़ी लगाए हुए देखा गया।

जेल प्रशासन का बयान
जेल प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा कि ये तस्वीरें हुमायूं के अस्पताल में भर्ती होने के शुरुआती दिनों की हैं। बुधवार को जारी बयान में उन्होंने दावा किया कि "जेल प्रशासन सदैव हर कैदी की गरिमा और मानवाधिकारों की रक्षा करता है और हुमायूं के मामले में भी इसका पालन किया गया।"
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की कड़ी प्रतिक्रिया
हालांकि, अधिकार कार्यकर्ताओं और वकीलों ने इसे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन और असंवेदनशीलता बताया। मानवाधिकार कार्यकर्ता नुर खान लिटन ने कहा, "किसी मरते या मृत व्यक्ति को हथकड़ी लगाना घोर अमानवीयता है। यह मानव गरिमा का सबसे चरम उल्लंघन है।"
2018 में हाईकोर्ट ने बांग्लादेश लीगल एड एंड सर्विसेज ट्रस्ट (BLAST) की याचिका पर आदेश दिया था कि कैदियों पर हथकड़ी लगाने का प्रयोग विवेकपूर्ण तरीके से किया जाए और बिना कारण हथकड़ी लगाने से बचा जाए। BLAST के अधिवक्ता अबू ओबैयदुर रहमान ने कहा कि हुमायूं की तस्वीरें इस आदेश का स्पष्ट उल्लंघन हैं। उन्होंने कहा, "एक 75 वर्षीय बीमार व्यक्ति को कैसे खतरनाक या फरार होने की संभावना वाला कैदी माना जा सकता है?"
मानवाधिकार कार्यकर्ता अबू अहमद फैजुल कबीर ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा, "एक स्वतंत्रता सेनानी और देश के पूर्व मंत्री, जो जीवन-मृत्यु की स्थिति में थे, उनके साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार राज्य की जिम्मेदारी निभाने में गंभीर असफलता है।"
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के करीबी सहयोगी और अवामी लीग के वरिष्ठ नेता नुरुल मजीद महमूद हुमायूं 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन के दौरान हत्या और तोड़फोड़ के मामलों में गिरफ्तारी के बाद जेल में थे। आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था। जेल में रहते हुए उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, और उन्हें डीएमसीएच में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें गंभीर हृदय रोग और अन्य जटिलताओं का शिकार बताया। हालांकि, अस्पताल में भी उन्हें जेल अधिकारियों द्वारा हथकड़ी में रखा गया। सोमवार को जारी हुई तस्वीरों में हुमायूं को बिस्तर से बंधे हुए दिखाया गया है, जबकि वे बेहोश अवस्था में थे।
अवामी लीग पर कार्रवाई
हुमायूं की मौत ऐसे समय पर हुई है जब अगस्त 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से बेदखल होने के बाद यूनुस सरकार अवामी लीग नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कड़ा शिकंजा कस रही है। कई विपक्षी नेताओं को कथित झूठे मामलों में जेल भेजा गया है और कुछ नेताओं की हिरासत में मौत की भी खबरें सामने आई हैं।

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