मंत्रियों के विदेशी दौरों पर लगी रोक, ईरान संकट के बीच इस देश का सख्त फैसला
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के असर से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए सेनेगल ने कड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने मंत्रियों के गैर-जरूरी विदेशी दौरों पर रोक लगा दी है। सरकार की तरफ से मंत्रियों को घरेलू यात्राएं भी कम करने के लिए कहा गया है।

पश्चिम एशिया में जारी संकट की वजह से पूरी दुनिया ऊर्जा संकट से जूझ रही है। दुनिया भर के तमाम देश इसके असर से निपटने के लिए कड़े फैसले ले रहे हैं। इसी क्रम में दक्षिण अफ्रीकी देश सेनेगल ने अपने मंत्रियों के विदेशी दौरों पर रोक (जरूरी यात्राओं को छोड़कर) लगा दी है। सरकार का कहना है कि वह इस कदम के जरिए बढ़ते खर्च को कम करना चाहती है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट की वजह से सेनेगल की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ा है। यह देश भी कई अफ्रीकी देशों की तरह ही आयतित पेट्रोलियम पर निर्भर है। अब जबकि होर्मुज के बंद होने की वजह से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, तो सेनेगल की अर्थव्यवस्था पर इसका बुरा असर पड़ रहा है।
ईरान युद्ध की वजह से उपजे इस आर्थिक संकट को लेकर सेनेगल के प्रधानमंत्री ओसमाने सोनको ने कहा, "हमने सरकार के खर्च को सीमित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। हमने गैर-जरूरी यात्राओं को रद्द कर दिया है। हमारी सरकार ने तेल के लिए अपना वार्षिक बजट 62 डॉलर प्रति बैरल के हिसाब से बनाया था, लेकिन अब कीमतें लगभग दोगुनी हो चुकी हैं। इसलिए हमें कड़े फैसले लेने पड़ रहे हैं।
बता दें, ईरान युद्ध के असर से बचने के लिए सेनेगल ही नहीं कई अन्य देशों ने भी कदम उठाए हैं। सबसे पहले भारत की बात करें, तो यहां भी सरकार ने जनता को राहत देते हुए पेट्रोलियम पर लगने वाले टैक्स को कम कर दिया है। इससे पेट्रोल और डीजल के दाम लगभग स्थायी हैं।
इसके अलावा पाकिस्तान की बात करें, तो यहां पर शहबाज सरकार ने अधिकारियों को यात्रा सीमित करने के लिए कहा है। इसके अलावा सरकार ने वर्क फ्राम होम के लिए भी लोगों को प्रोत्साहित किया है। इसके अलावा थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, बांग्लादेश जैसे देशों ने ईरान संकट से अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए प्रयास किए हैं।
लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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