सिर्फ फोन पर कह देना बीमार हूं, काफी नहीं; दिखाना होगा मेडिकल सर्टिफिकेट

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जर्मनी की सरकार छुट्टियों में बड़े सुधार करने जा रही है। इससे बॉस को सिर्फ फोन पर खुद को बीमार बताकर छुट्टी लेने वालों को झटका लगेगा। कर्मचारियों को पहले दिन से ही मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाना होगा। 

Saying Im Sick on the Phone isnt Enough Employees Need to Show Medical Certificate

कई बार कर्मचारी दफ्तर से छुट्टी लेने के लिए सिर्फ फोन पर अपने बॉस को बता देता है कि वह बीमार है और आज ऑफिस नहीं आ सकेगा। अब जब उसने खुद को बीमार बता दिया तो बॉस भी ज्यादा कुछ नहीं कर सकता और उसे उस दिन छुट्टी दे देता है। लेकिन अब जर्मनी में सरकार फोन पर बीमारी की छुट्टी लेने वालों को बड़ा झटका देने जा रही है।

जर्मनी की सरकार छुट्टियों में कड़े सुधार करने जा रही है। कर्मचारियों को पहले दिन से ही मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाना होगा। अगर कोई मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं दिखाता है तो उसकी बीमारी वाली छुट्टी मान्य नहीं होगी। यानी कि फोन पर बीमार कह देने वालों के दिन लद गए हैं। उन्हें बकायदा मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाना होगा। दरअसल, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज जर्मनी की इकॉनमी को बचाए रखने के लिए बड़े लेबर, टैक्स और पेंशन सुधार ला रहे हैं। उन्होंने 34-पॉइंट पैकेज पेश किया है। पैकेज में लालफीताशाही खत्म करने के उपाय भी शामिल हैं। इसको लेकर मर्ज का कहना है कि इससे ग्रोथ, नौकरियां और कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ेगी और साथ ही सोशल वेलफेयर प्रोटेक्शन भी बने रहेंगे।

'लालफीताशाही कम करने के लिए कर रहे काम'

मर्ज ने कहा कि हम लालफीताशाही को कम करने के लिए काम कर रहे हैं। हम अपने वेलफेयर स्टेट को बचाने के लिए काम कर रहे हैं, और हम टैक्स कम करके कर्मचारियों और कंपनियों पर बोझ कम करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य साल के आखिर तक 34-पॉइंट पैकेज के मुख्य हिस्सों को पार्लियामेंट से पास कराना है, और कहा कि सत्ताधारी गठबंधन इकोनॉमिक रिफॉर्म्स पर सहमत हो गया है। यह मुश्किल में पड़ी इकोनॉमी को फिर से खड़ा करने और कट्टर दक्षिणपंथ के उभार का मुकाबला करने के मकसद से एक बड़ी कामयाबी है।

'इनकम टैक्स कटौती भी शामिल'

बता दें कि इस पैकेज में 10 बिलियन यूरो की इनकम टैक्स कटौती भी शामिल है। इसे साल में 250,000 यूरो से ज्यादा की कमाई करने वालों पर अधिक टैक्स लगाकर फाइनेंस किया जाएगा। इतना ही नहीं, पेंशन सिस्टम में बदलाव से आखिरकार रिटायरमेंट की उम्र 67 साल से ज्यादा हो जाएगी। SPD के फाइनेंस मिनिस्टर और वाइस चांसलर लार्स क्लिंगबेल का कहना है कि सबसे ज्यादा कमाई करने वालों को ज्यादा टैक्स का बोझ पड़ेगा। यह सही है, ताकि इससे हमारा देश आगे बढ़ सकेगा।

बीमारी की छुट्टी लेना अब तक काफी आसान था

अब तक जर्मनी के कर्मचारियों के लिए बीमारी की छुट्टी लेना काफी आसान था। इसलिए कई लोग बहाने बनाकर भी दफ्तरों में छुट्टी ले लेते हैं। कई देशों की तुलना में जर्मनी में बीमारी की छुट्टी के नियम फ्लेक्सिबल हैं। कर्मचारी बीमारी बताकर कम से कम तीन दिनों तक आराम से छुट्टी ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें अब तक मेडिकल सर्टिफिकेट भी नहीं देना होता था। इतने आसान नियम इसलिए बनाए गए थे, ताकि लोगों को डॉक्टरों के चक्कर बार-बार न लगाने पड़े और मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए परेशान न होना पड़े। लेकिन अब नियमों में बदलाव होने जा रहा है। यदि कर्मचारी बीमार होता है तो उसे पहले दिन से ही सर्टिफिकेट देना पड़ेगा।

Madan Tiwari

लेखक के बारे में

Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
परिचय, अनुभव एवं शिक्षा
वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।

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मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत एक दर्जन से ज्यादा पुरस्कार जीते हैं।

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