
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ऐक्टिव हुआ सऊदी अरब, तैयार करेगा एक लाख AI योद्धा
किंगडम की अपस्किलिंग रणनीति का समग्र लक्ष्य 10 लाख सऊदी नागरिकों को एआई में प्रशिक्षित करना है, जो सऊदी डेटा एंड एआई अथॉरिटी (एसडीएआईए) द्वारा शिक्षा मंत्रालय और मानव संसाधन एवं सामाजिक विकास मंत्रालय के सहयोग से तय किया गया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने दुनिया को पूरी तरह से बदल दिया है। हाल के दिनों में एआई ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व गति से अपनी जड़ें जमा ली हैं। इसी कारण कंपनियां अब एआई को तेजी से अपनाने की होड़ में हैं, ताकि भविष्य की चुनौतियों का डटकर मुकाबला कर सकें। इसी कड़ी में सऊदी अरब 1 लाख एआई योद्धा तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। दरअसल, सऊदी अरब के संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमसीआईटी) ने एक राष्ट्रीय कार्यक्रम की शुरुआत की है, जिसमें 100000 नागरिकों को एआई और डेटा स्किल्स में ट्रेंड किया जाएगा। मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह कदम देश को एआई क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व प्रदान करने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

बताया गया कि यह कार्यक्रम सॉफ्टवेयर विकास कंपनी इनकोर्टा के सहयोग से संचालित हो रहा है, जो क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा प्रशिक्षण अभियान है। यह सऊदी अरब के विजन 2030 के लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। किंगडम की अपस्किलिंग रणनीति का समग्र लक्ष्य 10 लाख सऊदी नागरिकों को एआई में प्रशिक्षित करना है, जो सऊदी डेटा एंड एआई अथॉरिटी (एसडीएआईए) द्वारा शिक्षा मंत्रालय और मानव संसाधन एवं सामाजिक विकास मंत्रालय के सहयोग से तय किया गया है।
सऊदी प्रेस एजेंसी (एसपीए) ने शुक्रवार को खबर दी कि एमसीआईटी ने 'मुस्तकबली' कार्यक्रम भी शुरू किया है, जिसका उद्देश्य अतिरिक्त 50000 सऊदी युवाओं को एआई कौशल प्रदान करना है। अरब न्यूज को दिए साक्षात्कार में इनकोर्टा के सीईओ और सह-संस्थापक ओसामा अल-कादी ने कहा कि यह पहल सऊदी नागरिकों को आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करने पर जोर देती है। उन्होंने एमसीआईटी के अपार समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भले ही नई पीढ़ी वर्तमान एआई तकनीकों से अच्छी तरह वाकिफ है, लेकिन हमारा कार्यक्रम उद्योग की वर्तमान गतिविधियों से आगे की सोच विकसित करने के लिए डिजाइन किया गया है।
अल-कादी ने आगे कहा कि हम प्रतिभागियों को एआई के व्यावहारिक उपयोगों से जोड़कर उन्हें भविष्य के लिए सक्षम बनाएंगे। उन्होंने जोर दिया कि हमारा लक्ष्य मंत्रालयों, सरकारी संस्थानों और निजी कंपनियों के कर्मचारियों को डेटा का सही उपयोग सिखाना है, ताकि वे डेटा-आधारित फैसले ले सकें। इससे राज्य और विजन 2030 के विकास में उनका योगदान सुनिश्चित होगा।
एमसीआईटी में क्षमता निर्माण एवं भविष्य कार्यों के कार्यवाहक उपमंत्री सफा अल-राशिद ने बयान जारी कर कहा कि यह कार्यक्रम सऊदी अरब की समावेशी विकास के प्रति लंबे समय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने जोर दिया कि हमारे नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं को एआई एवं डेटा कौशलों से लैस करना भविष्य के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि 100000 लोगों को ट्रेंड करके हम कार्यबल को मजबूत बना रहे हैं, सतत विकास की नई नींव रख रहे हैं और एआई में वैश्विक नेता के रूप में सऊदी अरब की स्थिति को और सशक्त कर रहे हैं।

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