US को मिलेगा सऊदी और यूएई का साथ! ईरान के खिलाफ युद्ध में उतर सकते हैं 2 और देश
कूटनीतिक मोर्चे पर सऊदी अरब ने ईरान के सैन्य अटैची और चार दूतावास कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। सऊदी अरब ने ईरान पर अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता के उल्लंघन का आरोप लगाया है, जिससे ईरान कूटनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ता दिख रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अब और भीषण होने जा रहा है। खबर है कि ईरान के खिलाफ युद्ध में सऊदी अरब और UAE यानी संयुक्त अरब अमीरात युद्ध में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, अब तक इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। अमेरिका के खिलाफ ऐक्शन में ईरान ने यूएई समेत कई जगहों पर धमाके किए थे।
लॉल स्ट्रीट जनरल के अनुसार, सऊदी अरब और यूएई ने ईरान युद्ध में शामिल होने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। मामले के जानकारों ने अखबार को बताया कि सऊदी अरब ने किंग फाहद एयर बेस तक अमेरिका को पहुंच प्रदान करने में सहमति जताई है। खास बात है कि सऊदी अरब लंबे समय से कहता आ रहा है कि उसके एयर बेस का इस्तेमाल पुराने दुश्मन पर हमले के लिए नहीं किया जा सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कहा जा रहा है कि यूएई ने ईरान के मालिकाना हक वाले एक अस्पताल और क्लब को बंद कर दिया है। माना जा रहा है कि तेहरान के लिए ये ठिकाने बेहद अहम थे। अखबार के अनुसार, कुछ वीडियोज से जाहिर तौर पर यह भी पता चला कि ईरान पर हमले में इस्तेमाल की गईं मिसाइलें बहरीन से दागी गईं थीं।
सऊदी ने निकाले ईरान के अधिकारी
कूटनीतिक मोर्चे पर सऊदी अरब ने ईरान के सैन्य अटैची और चार दूतावास कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। सऊदी अरब ने ईरान पर अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता के उल्लंघन का आरोप लगाया है, जिससे ईरान कूटनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ता दिख रहा है। साथ ही यूएई ने हाल ही में बताया है कि उसकी हवाई रक्षा प्रणाली ईरान की ओर से हो रही गोलाबारी को रोकने का प्रयास कर रही है।
अमेरिका ने 5 दिनों के लिए हमले रोके
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए दी गई समयसीमा सोमवार को बढ़ा दी और कहा कि अमेरिका पांच दिन के लिए ईरानी बिजली संयंत्रों पर हमले टाल रहा है। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' साइट पर युद्ध के समाधान की संभावना भी जताई। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने बातचीत होने से इनकार किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के रुख में आए बदलाव से अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का कुछ समाधान निकलने की उम्मीद जगी है। बाद में, ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि ईरान 'समझौता करना चाहता है'। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी दूत एक 'सम्मानित' ईरानी नेता के साथ बातचीत कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि पश्चिम एशिया के लिए विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने रविवार शाम तक बातचीत की और अभी वार्ता जारी रहेगी।
युद्ध चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। इस संघर्ष में 2,000 से अधिक लोग मारे गए हैं, वैश्विक अर्थव्यवस्था हिल गई है, तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और दुनिया के कुछ सबसे व्यस्त हवाई मार्गों को खतरा पैदा हो गया है। ईरान ने कहा था कि वह पूरे पश्चिम एशिया में बिजली संयंत्रों को निशाना बनाएगा। वहीं ट्रंप ने कहा था कि महत्वपूर्ण जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोले जाने पर अमेरिका, ईरान में ऊर्जा संयंत्रों पर हमले करेगा।
लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
और पढ़ेंलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


